राष्ट्रीय लोक अदालत में आगरा ने रचा इतिहास: करोड़ों की राहत राशि वितरित, एक ही दिन में सुलझे साढ़े पांच लाख मामले

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आगरा: जनपद आगरा ने शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से त्वरित न्याय प्रणाली में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित इस लोक अदालत में रिकॉर्ड 5,50,051 (साढ़े पांच लाख से अधिक) वादों का आपसी सहमति के आधार पर निस्तारण किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जनपद न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

​जुर्माना और क्षतिपूर्ति का बड़ा आंकड़ा

लोक अदालत में न्याय की विभिन्न पीठों ने सक्रियता दिखाते हुए करोड़ों रुपये की राहत राशि जारी की:

​मोटर दुर्घटना दावा: पीठासीन अधिकारी नरेंद्र कुमार पाण्डेय ने 71 वादों का निस्तारण किया, जिसमें पीड़ितों को 9.03 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि दिलाई गई।

​बैंक एवं प्रीलिटिगेशन: विभिन्न बैंकों (SBI, PNB, UCO आदि) के प्रीलिटिगेशन स्तर पर 979 वाद सुलझाए गए, जिनमें 9.04 करोड़ रुपये की समझौता धनराशि तय हुई।

​न्यायिक पीठ: जनपद न्यायाधीश एवं अपर जनपद न्यायाधीशों ने 838 वादों का निस्तारण किया, जबकि मजिस्ट्रेट न्यायालयों ने 8,142 मामलों का निपटारा कर करीब 1.35 करोड़ रुपये का अर्थदंड वसूला।

​वर्चुअल कोर्ट: वर्चुअल न्यायालय के माध्यम से 1.45 लाख से अधिक मोटर वाहन चालानों का निस्तारण एक बड़ी उपलब्धि रही।

तहसील से ब्लॉक तक सक्रियता

दीवानी कचहरी के अलावा तहसील स्तर, पुलिस आयुक्त कार्यालय, ग्रीन गैस, बीएसएनएल और मोबाइल कंपनियों से संबंधित कुल 3.94 लाख से अधिक वादों का निस्तारण प्रीलिटिगेशन के माध्यम से किया गया। पारिवारिक न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश तृप्ता चौधरी ने 58 वैवाहिक विवादों को आपसी सहमति से सुलझाकर परिवारों को टूटने से बचाया।

​जनसुविधाओं का विशेष ध्यान

न्यायालय परिसर में आने वाले वादकारियों की सुविधा के लिए पूछताछ केंद्र, हेल्प डेस्क और स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क मेडिकल कैंप भी लगाया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। सचिव (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) पंकज कुमार-प्रथम ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य ‘सुलभ और सस्ता न्याय’ प्रदान करना है, जिसमें आगरा अग्रणी रहा है।

​प्रमुख उपस्थिति:

इस अवसर पर नोडल अधिकारी अमरजीत, अपर जिला जज पुष्कर उपाध्याय, शिव कुमार-द्वितीय, पवन कुमार श्रीवास्तव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शारिब अली सहित समस्त न्यायिक अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, अधिवक्ता और पराविधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।