जयंती विशेष: “माय डार्लिंग…समय आने पर हिमपर्वत भी पिघलता है

ये 1934 का साल था. सुभाष चंद्र बोस उस वक्त ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना में थे. उस वक्त तक उनकी पहचान कांग्रेस के योद्धा के तौर पर होने लगी थी. सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान जेल में बंद सुभाष चंद्र बोस की तबीयत फरवरी 1932 में ख़राब होने लगी थी. इसके बाद ब्रिटिश सरकार उनको […]

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जलवायु परिवर्तन की जानकारी देने में सक्षम हैं “हिरोकी” वृक्ष

जापान के जंगलों में पाए जाने वाले हिरोकी वृक्षों पर बारिश होने का 2600 साल पुराना रिकॉर्ड मौजूद है. अब इन वृक्षों की मदद से पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आगे जापान में किस तरह का जलवायु परिवर्तन होगा. उसकी बुनियाद पर हालात से निपटने की रणनीति बनेगी. मानव इतिहास की […]

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कश्मीरी पंडितों के लिए एक ‘त्रासदी’ का प्रतीक है 19 जनवरी का दिन

करीब 30 साल पहले कश्मीर से अल्पसंख्यक कश्मीरी पंडितों का पलायान हुआ। इस बीच कितनी ही सरकारें बदलीं, कितने मौसम आए…गए, पीढ़ियां तक बदल गईं लेकिन कश्मीरी पंडितों की घर वापसी और न्याय के लिए लड़ाई जारी है। पलायन की कहानी किसी से छिपी नहीं है। सन् 1989-1990 में जो हुआ, उसका उल्लेख करते-करते तीस […]

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क्या आप जानते है बर्फ का भी रेगिस्तान होता है…

आपने राजस्थान के रेत के रेगिस्तान बारे में तो अवश्य जानते होंगे लेकिन जानते होंगे लेकिन यह जानते हैं कि बर्फ का भी रेगिस्तान होता है। जी हां… सही कहा आपने, ऐसे रेगिस्तान को कोल्ड डेजर्ट कहते हैं। इस तरह का कोल्ड डेजर्ट लद्दाख में पाया जाता है। इस वजह से वहां साल के 8 […]

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हिन्दी पत्रकारिता की हत्या में उच्च भूमिका निभाने वाली अंजना के लिए ईमानदारी बनी गाली

जब बन जायेंगी “पार्टी” वाली, तो ईमानदार कहना भी लगेगा बवाली पत्रकार समाज का आईना होता है,वह सत्य लेकर समाज में आता है। और सत्यों तथ्यों से जनता को अवगत कराता है। वह इस बात से बेपरवाह होता है कि कहाँ से ताली और कहां से गाली मिलेगी। पत्रकार की इसी कैटगरी को निष्पक्षता का […]

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इस जंगल में पैदा होता है दुनिया का सबसे ज्यादा अखरोट

पश्चिमी किर्गिस्तान में उज़्बेकिस्तान की सीमा से 70 किलोमीटर दूर अर्सलानबोब नाम का एक क़स्बा है. तेरह हज़ार की आबादी वाला यह क़स्बा बाबाश अटा की पहाड़ियों के बीच एक उपजाऊ घाटी में स्थित है. वसंत और गर्मियों में दो कुदरती झरने यहाँ सैलानियों को लुभाते हैं लेकिन यहाँ की सबसे अनोखी चीज़ शरद ऋतु […]

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चटकीले लिबास लपेटे सैकड़ों जिस्म यहां रोज़ाना इन सड़कों पर करते हैं किसी का इंतज़ार…

इशारे करती आंखों को देख गाड़ियां अक्सर यहां धीमी हो जाती हैं. काजल भरी आंखें, मेकअप से सजे चेहरे और चटकीले लिबास लपेटे सैकड़ों जिस्म रोज़ाना इन सड़कों पर किसी का इंतज़ार करते हैं. मध्य प्रदेश में मंदसौर से नीमच की ओर बढ़ने वाले हाइवे पर ये नज़ारा आम है. जिस्मफ़रोशी के इस बाज़ार में […]

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जल संकट: एक भारतीय औसतन हर दिन कितना पानी बर्बाद करता है ?

क्या आप भी ब्रश या शेविंग करते वक्त बेसिन का नल खुला रखते हैं? क्या आप नहाने के लिए बाल्टी की जगह शावर का इस्तेमाल करते हैं? अगर हां तो अपनी ये आदतें आज ही बदल दें क्योंकि अगर आप चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ी को भी पानी मिल सके तो पानी की बचत […]

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RERA के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां जिनका आपको जानना है जरूरी…

घर खरीदारों को बिल्डरों की बदमाशियों से बचाने के लिए 1 मई 2017 को रियल एस्टेट (रेग्युलेशन ऐंड डिवेलपमेंट) ऐक्ट RERA 2016 देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में लागू हो चुका है लेकिन क्या ग्राहक रेरा में मिले अधिकारों से वाकिफ हैं? यह सवाल इसलिए क्योंकि जब तक ग्राहक अपने अधिकारों को […]

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रेगिस्तान को भी उपजाऊ खेत में तब्दील कर सकती है नैनो क्ले तकनीक

बीते साल मार्च में जब दुनिया भर में लॉकडाउन लग रहा था तब संयुक्त अरब अमीरात में एक बड़ा प्रयोग पूरा हो रहा था. केवल 40 दिनों के अंदर यहां बंजर ज़मीन का एक टुकड़ा मीठे रसीले तरबूजों से भर गया. एक ऐसे देश के लिए जो ताज़े फल और सब्जियों की ज़रूरत का 90 […]

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