चुनावी रण में ‘विकास’ का वनवास: बंगाल से केरल तक सिर्फ ‘अस्मिता और पहचान’ की सियासत

नई दिल्ली। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव का शोर जैसे-जैसे परवान चढ़ रहा है, लोकतंत्र के इस उत्सव का रंग पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है। इस बार के चुनाव में राजनीतिक दलों के घोषणापत्रों से ‘विकास’ के पन्ने गायब हैं और उनकी जगह ‘स्थानीय अस्मिता’ और ‘सांस्कृतिक पहचान’ ने ले ली है। असम […]

Continue Reading