बड़ा मंगल विशेष: राम-हनुमान मिलन के पावन मास में बन रहा दुर्लभ नक्षत्र, कष्टों से मुक्ति दिलाएंगे पवनपुत्र

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साल 2026 भगवान हनुमान के उपासकों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आने वाला है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, पूरे 19 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक ऐसा दुर्लभ और शुभ संयोग बन रहा है, जिसमें ‘बड़ा मंगल’ की संख्या सामान्य से दोगुनी होने जा रही है। इस बार ज्येष्ठ माह में हनुमान जी की विशेष आराधना के लिए भक्तों को 4 या 5 नहीं, बल्कि पूरे 8 बड़े मंगल मिलेंगे।

​क्यों बन रहा है यह दुर्लभ संयोग?

आमतौर पर ज्येष्ठ माह (मई-जून) में चार या पांच मंगलवार ही पड़ते हैं, लेकिन साल 2026 में ‘अधिक मास’ (पुरुषोत्तम मास) के जुड़ जाने के कारण यह महीना सामान्य से काफी लंबा हो गया है। पंचांग के अनुसार, इस बार ज्येष्ठ का पावन काल 2 मई से 29 जून 2026 तक चलेगा। अधिक मास की मौजूदगी ने मंगलवारों की संख्या बढ़ाकर 8 कर दी है, जिसे धार्मिक दृष्टि से हनुमान जी की असीम कृपा का संकेत माना जा रहा है।

​बड़ा मंगल का महत्व और परंपरा

ज्येष्ठ माह के मंगलवार को ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इसी महीने में रामभक्त हनुमान की मुलाकात मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम से हुई थी। यह समय भीषण गर्मी और तपते सूर्य का होता है। हनुमान जी को शक्ति और संकटमोचन माना जाता है, इसलिए भक्त इस तपन के बीच हनुमान जी की पूजा कर शीतलता और रक्षा की कामना करते हैं।

​भक्ति के रंग में डूबेगा लखनऊ

यूं तो बड़ा मंगल पूरे उत्तर भारत में धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इसकी छटा निराली होती है। लखनऊ में बड़ा मंगल एक सांप्रदायिक सौहार्द और सेवा का उत्सव बन जाता है। शहर के हर कोने में विशाल भंडारों का आयोजन होता है, जहाँ बिना किसी भेदभाव के हजारों लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं। मान्यता है कि इन 8 बड़े मंगलों पर विधि-विधान से पूजा करने पर कुंडली के ‘मंगल दोष’ और शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलती है।

​2026 की विशेष तिथियां

मई और जून के इन दो महीनों में पड़ने वाले 8 मंगलवारों के दौरान देशभर के हनुमान मंदिरों में विशेष श्रृंगार, सुंदरकांड का पाठ और महाभंडारों की तैयारी अभी से शुरू हो गई है। भक्तों के लिए यह अपनी श्रद्धा प्रकट करने और पुण्य कमाने का एक सुनहरा अवसर होगा।