मुंबई (अनिल बेदाग): आर्थिक राजधानी मुंबई में आयोजित ‘NAR-India’ का राष्ट्रीय सम्मेलन महज एक इंडस्ट्री इवेंट न रहकर भारतीय रियल एस्टेट ब्रोकरेज सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हुआ है। इस सम्मेलन ने ₹3000 करोड़ से अधिक के सक्रिय व्यावसायिक सौदों और 1,800 से ज्यादा प्रतिनिधियों की रिकॉर्ड भागीदारी के साथ अपनी ताकत का लोहा मनवाया। यह मंच वास्तविक अर्थों में एक “हाई-इम्पैक्ट बिज़नेस कैटलिस्ट” बनकर उभरा है, जिसने ब्रोकरेज जगत को नई ऊंचाई दी है।
दिग्गजों का जमावड़ा और ठोस नतीजे
इस समिट की सबसे बड़ी विशेषता इसका परिणाम-उन्मुख (Result-Oriented) दृष्टिकोण रहा। बी2बी मीटिंग्स, बड़े प्रोजेक्ट्स के शोकेस और निवेश संवाद ने पूरे उद्योग में एक नई ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम में रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा ग्रुप और आदित्य बिरला ग्रुप जैसे कॉरपोरेट दिग्गजों की सक्रिय मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि अब संगठित और पारदर्शी ब्रोकरेज नेटवर्क की अहमियत ग्लोबल लेवल पर बढ़ रही है।
विज़नरी लीडरशिप का संदेश
रियल एस्टेट दिग्गज निरंजन हीरानंदानी ने इस मौके पर ‘सहयोग’ को विकास का असली मंत्र बताया। वहीं, चंद्रेश विथलानी ने आयोजन की सफलता पर कहा कि यह समिट एक अधिक संगठित और पेशेवर ब्रोकरेज इकोसिस्टम की ओर बढ़ते बदलाव का प्रतीक है।
नई टीम, नया विज़न
नई नेतृत्व टीम के चेयरमैन सुमंथ रेड्डी ने स्पष्ट किया कि गहरा आपसी सहयोग ही तेज़ डील फ्लो और ग्राहकों के भरोसे का आधार है। प्रेसिडेंट-इलेक्ट आशीष मेहता ने भविष्य की रणनीति साझा करते हुए कहा, “हमने सिर्फ एक इवेंट आयोजित नहीं किया, बल्कि एक ऐसा परमानेंट मंच तैयार किया है जो लगातार विकास के अवसर पैदा करेगा।”
नई टीम के साथ अब NAR-India ‘वन इंडिया, वन लाइसेंस’ जैसे बड़े विज़न और अत्याधुनिक डिजिटल ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म के जरिए इस सेक्टर के औपचारिककरण (Formalization) को एक नई रफ़्तार देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

