आगरा के खंदौली में यमुना नदी से मिला अज्ञात युवक का शव, हाथ और मुंह पर बंधा था टेप; जांच में जुटी पुलिस

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आगरा: ताजनगरी आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र में रविवार को उस समय भारी सनसनी और दहशत फैल गई, जब यमुना नदी में एक अज्ञात युवक का संदिग्ध शव बहता हुआ बरामद हुआ। नदी के किनारे से गुजर रहे स्थानीय ग्रामीणों ने जब पानी में तैरती हुई लाश देखी, तो तुरंत खंदौली थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बल तत्काल गोताखोरों की टीम के साथ मौके पर पहुंचा और काफी मशक्कत के बाद शव को नदी से बाहर निकलवाया।

​हाथ-मुंह पर लगा था टेप, बेरहमी से हत्या की ओर इशारा

शव को नदी से बाहर निकालने के बाद जो मंजर सामने आया, उसने पुलिस और वहां मौजूद लोगों के होश उड़ा दिए। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ​मृतक युवक के दोनों हाथ बेहद मजबूती के साथ प्लास्टिक टेप से पीछे की ओर बंधे हुए थे। युवक के मुंह पर भी चौड़ा टेप चिपकाया गया था, ताकि वह चीख न सके।

​शव की यह खौफनाक स्थिति साफ तौर पर संकेत दे रही है कि यह एक सोची-समझी क्रूर हत्या (Murder) है। आशंका जताई जा रही है कि हत्यारों ने किसी अन्य स्थान पर युवक को बंधक बनाकर उसकी बेरहमी से हत्या की और फिर सबूत मिटाने व पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से शव को यमुना नदी में बहा दिया।

​पहचान छिपाने की कोशिश; शिनाख्त के लिए उमड़ी ग्रामीणों की भीड़

​यमुना नदी में लाश मिलने और हाथ-मुंह बंधे होने की खबर जैसे ही फैली, आसपास के गांवों से सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ घटना स्थल पर जमा हो गई। हालांकि, पानी में रहने के कारण शव की स्थिति बिगड़ने की वजह से स्थानीय लोग उसकी पहचान नहीं कर सके। पुलिस ने मौके का बारीकी से निरीक्षण कर पंचनामा भरा और शव को पोस्टमार्टम (Post-Mortem) के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

थानों के रिकॉर्ड और सीसीटीवी कैमरों के भरोसे खंदौली पुलिस

खंदौली थाना पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि मामले के खुलासे के लिए चौतरफा जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस की एक टीम आगरा और आसपास के जिलों के सभी थानों में पिछले कुछ दिनों के भीतर दर्ज की गई गुमशुदगी (Missing Reports) के रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि मृतक की पहचान सुनिश्चित की जा सके।

​इसके साथ ही नदी की ओर आने वाले रास्तों और खंदौली क्षेत्र के प्रमुख चौराहों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को भी खंगाला जा रहा है, ताकि संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।

पुलिस अधिकारियों का दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही समय और तरीके का सटीक पता चल सकेगा और जल्द ही इस मामले का पर्दाफाश कर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।