आगरा: ताजनगरी आगरा के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में एक रद्दी कारोबारी को फर्जी पत्रकार बनकर ब्लैकमेल करने और डरा-धमकाकर लाखों रुपये की मोटी रकम ऐंठने का एक बेहद सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। शातिर ब्लैकमेलर्स ने केवल पैसों की उगाही ही नहीं की, बल्कि कारोबारी को बात न मानने पर उनके मासूम बच्चों के अपहरण (किडनैपिंग) और गोदाम में आग लगाने तक की खौफनाक धमकियां दे डालीं। पीड़ित कारोबारी की लिखित शिकायत के बाद एत्माद्दौला थाना पुलिस ने मुनीम और उसके फर्जी पत्रकार साथी के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश तेज कर दी है।
रसूख का खौफ दिखाकर दो बार में ऐंठे ₹7.5 लाख
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वजीरपुरा रोड स्थित महेंद्र एन्क्लेव के निवासी पीड़ित कारोबारी अर्जुन गुप्ता (पुत्र स्वर्गीय मनोज गुप्ता) का थाना एत्माद्दौला के नुनहाई औद्योगिक क्षेत्र में रद्दी कागजों का एक बड़ा गोदाम है।
अर्जुन गुप्ता ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उनके ही गोदाम पर काम करने वाला मुनीम विपिन बिहारी दुबे और उसका एक साथी राज अग्रवाल उर्फ फरमान खान पिछले काफी समय से उनके लिए जी का जंजाल बने हुए थे।
दोनों आरोपी खुद को बड़ा पत्रकार बताते थे और दावा करते थे कि मीडिया जगत सहित वाणिज्य कर विभाग (GST ऑफिस) और अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड) के आला अधिकारियों में उनकी बहुत ऊंची पकड़ है। आरोपियों ने गोदाम में कथित अनियमितताओं का हौवा खड़ा किया और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया व समाचार पत्रों में कारोबारी को बदनाम करने और विभागीय सीलिंग कराने की धमकी दी।
लालच और वसूली का जाल
बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से पीड़ित अर्जुन गुप्ता ने शुरुआत में तीन अलग-अलग किस्तों में आरोपियों को करीब ढाई लाख रुपये (₹2,50,000) दे दिए। लेकिन ब्लैकमेलर्स की भूख यहीं शांत नहीं हुई; उन्होंने दोबारा दबाव बनाकर पीड़ित से 5 लाख रुपये (₹5,00,000) और ऐंठ लिए।
रुपये देने से मना करने पर बच्चों के अपहरण और गोदाम फूंकने की धमकी
पीड़ित कारोबारी के अनुसार, जब आरोपियों की लगातार बढ़ती पैसों की मांग से तंग आकर उन्होंने और नकद रकम देने से साफ इनकार कर दिया, तो दोनों आरोपी अपनी औकात पर आ गए। उन्होंने अर्जुन गुप्ता को सीधे तौर पर धमकी दी कि यदि और पैसे नहीं मिले, तो उनके बच्चों का अपहरण कर लिया जाएगा और उनके नुनहाई स्थित रद्दी गोदाम को आग के हवाले कर खाक कर दिया जाएगा।
लगातार मिल रही इन खौफनाक धमकियों, भारी आर्थिक नुकसान और चौतरफा मानसिक प्रताड़ना के चलते कारोबारी अर्जुन गुप्ता गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में चले गए। आखिरकार, हिम्मत जुटाकर उन्होंने अपने परिवार को पूरी बात बताई और एत्माद्दौला थाने में आरोपियों के खिलाफ न्याय की गुहार लगाई।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा; कॉल रिकॉर्ड्स और बैंक खातों की जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए एत्माद्दौला थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुनीम विपिन बिहारी दुबे और राज अग्रवाल उर्फ फरमान खान के खिलाफ जबरन वसूली, ब्लैकमेलिंग और आपराधिक धमकी देने की धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
थाना प्रभारी का कहना है कि व्यापारिक क्षेत्र से जुड़े इस गंभीर अपराध के खुलासे के लिए पुलिस की टीमें लगा दी गई हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स (CDR), व्हाट्सएप चैट और अवैध वित्तीय लेन-देन के बैंक रिकॉर्ड्स खंगाले जा रहे हैं।
पुलिस का दावा है कि तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। इस घटना के बाद से स्थानीय व्यापारियों में रोष व्याप्त है और उन्होंने पुलिस से व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।


