आगरा: ताजनगरी के अजीतनगर बाजार ने राष्ट्रप्रेम की एक ऐसी इबारत लिख दी है, जिसकी गूंज अब पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। 26 जनवरी 2018 को शुरू हुई ‘नित्य ध्वजारोहण’ की परंपरा ने बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को अपने 3000 दिन सफलतापूर्वक पूरे कर लिए। चिलचिलाती धूप हो, कड़ाके की ठंड या मूसलाधार बारिश अजीतनगर के तिरंगा चौक पर हर सुबह राष्ट्रगान की गूंज और तिरंगे की शान कभी कम नहीं हुई।
राजेश यादव: माँ की अंतिम विदाई से पहले तिरंगे को सलामी
इस ऐतिहासिक यात्रा के पीछे समर्पण की कई कहानियाँ हैं, लेकिन राजेश यादव का उदाहरण सबसे सर्वोच्च है। उन्होंने अपनी माताजी की अंतिम यात्रा निकालने से पहले तिरंगा चौक पहुँचकर ध्वजारोहण किया और तिरंगे को सलामी दी। यह अटूट राष्ट्रप्रेम ही है जिसने अजीतनगर बाजार कमेटी को आज एक वैश्विक पहचान दिलाई है।
सम्मानों की झड़ी: नेल्सन मंडेला अवार्ड से भारत गौरव तक
अजीतनगर बाजार कमेटी के इस जज्बे को अब तक 150 से अधिक पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। इसमें 8 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार (नेल्सन मंडेला अवार्ड सहित) और 5 राष्ट्रीय स्तर के सम्मान शामिल हैं। यह स्थान अब केवल एक बाजार नहीं, बल्कि देशभक्ति का एक जीवंत तीर्थ बन चुका है।
दिग्गजों ने झुकाया सिर: दीप्ति शर्मा से लेकर जगबीर सिंह तक
इस तिरंगा चौक की ख्याति ऐसी है कि खेल और सिनेमा जगत की बड़ी हस्तियां यहाँ आकर गौरवान्वित महसूस करती हैं। ओलंपियन जगबीर सिंह, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर दीप्ति शर्मा, पूनम यादव और दिग्गज क्रिकेटर विश्वनाथ जैसी हस्तियां यहाँ तिरंगे को सलामी दे चुकी हैं। केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल, सांसद राजकुमार चाहर और कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य सहित उत्तर प्रदेश के तमाम बड़े जनप्रतिनिधि इस अभियान की सराहना कर चुके हैं।
3000वें दिन का संकल्प: स्वच्छता और एकता की शपथ
बुधवार को 3000वें दिन के अवसर पर आयोजित विशेष समारोह में देशभक्ति गीतों के बीच ध्वजारोहण किया गया। कमेटी के पदाधिकारियों और स्थानीय दुकानदारों ने संकल्प लिया कि यह परंपरा अनंत काल तक जारी रहेगी। इस दौरान वरिष्ठ सदस्यों को सम्मानित किया गया और तिरंगा चौक को और अधिक भव्य और प्रेरणादायक बनाने का संकल्प लिया गया।

