मुंबई (अनिल बेदाग): निजी क्षेत्र के प्रमुख ऋणदाता फेडरल बैंक (Federal Bank) ने रिटेल बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एक बड़े सौदे की घोषणा की है। बैंक ने स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Bank) के भारत स्थित चयनित क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो के अधिग्रहण के लिए समझौता किया है। इस रणनीतिक कदम से फेडरल बैंक के क्रेडिट कार्ड आधार में लगभग 4.5 लाख नए ग्राहक जुड़ेंगे।
टियर-1 शहरों में बढ़ेगा दबदबा
इस अधिग्रहण की सबसे खास बात यह है कि स्टैंडर्ड चार्टर्ड के इस पोर्टफोलियो का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा टियर-1 शहरों में केंद्रित है। फेडरल बैंक के पास वर्तमान में 8 लाख नॉन-को-ब्रांडेड और 13 लाख को-ब्रांडेड कार्ड्स का आधार है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस डील के पूरा होने के बाद फेडरल बैंक के नॉन-को-ब्रांडेड सेगमेंट के ‘रिसीवेबल्स’ (बकाया राशि) में करीब 90% तक की भारी वृद्धि देखने को मिल सकती है।
मैनेजमेंट का विजन: रणनीतिक मोड़
फेडरल बैंक के एमडी एवं सीईओ केवीएस मनियन ने इस सौदे को बैंक की रिटेल क्रेडिट फ्रेंचाइजी के लिए एक “रणनीतिक मोड़” करार दिया है। वहीं, कंज्यूमर बैंकिंग हेड विरात सुनील दिवानजी ने आश्वस्त किया कि स्टैंडर्ड चार्टर्ड के मौजूदा ग्राहकों को फेडरल बैंक के साथ जोड़ने (ट्रांजिशन) की प्रक्रिया बेहद सहज और आसान रखी जाएगी।
क्यों पीछे हटा स्टैंडर्ड चार्टर्ड?
स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (भारत) के प्रतिनिधि आदित्य मंडलोई के अनुसार, यह फैसला बैंक की उस नई वैश्विक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वे ‘अफ्लुएंट’ (धनाढ्य) ग्राहकों के साथ मल्टी-प्रोडक्ट रिलेशनशिप और वेल्थ मैनेजमेंट पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।
बिना बाधा पूरा होगा सौदा
यह लेनदेन साल 2026 के भीतर ही पूरा होने की उम्मीद जताई गई है। बैंक सूत्रों के मुताबिक, इस पोर्टफोलियो ट्रांसफर के लिए किसी विशेष नियामकीय मंजूरी (Regulatory Approval) की आवश्यकता नहीं है, जिससे यह प्रक्रिया और भी तेज होगी।

