आगरा: ताजनगरी में मंगलवार को ‘मैं लाड़ला खाटू वाले का परिवार सेवा समिति’ द्वारा निकाली गई सूरजगढ़ की निशान यात्रा ने भक्ति और आस्था के नए आयाम स्थापित किए। नीले-पीले ध्वजों से पटी आगरा की सड़कों पर जब “हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा” के जयकारे गूंजे, तो पूरी नगरी श्याममयी नजर आई।
ऐतिहासिक परंपरा और भव्य शुभारंभ
यात्रा का शुभारंभ श्री मनःकामेश्वर महादेव मंदिर से हुआ, जहाँ सूरजगढ़ मंदिर के महंत हजारी लाल महाराज ने हरी झंडी दिखाकर रथ को रवाना किया। समिति के अध्यक्ष राकेश राजपूत ने बताया कि यह यात्रा 350 वर्षों पुरानी उस परंपरा का प्रतीक है, जिसमें भक्त मंगलाराम ने बंद मंदिर का ताला खोलकर सूरजगढ़ के निशान को शिखर पर स्थापित करने का गौरव प्राप्त किया था।
भक्ति के रंग में रंगा मार्ग
कचहरी घाट, रावत पाड़ा और छत्ता बाजार होते हुए यात्रा जीवनी मंडी स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर पहुंची। मार्ग में 12 स्थानों पर बाबा श्याम के डोले का भव्य स्वागत हुआ। श्रद्धालु “सूरजगढ़ निशान में तू जाकर देख ले…” जैसे भजनों पर झूमते रहे। मंदिर पहुँचने पर शंखनाद के बीच बाबा की आरती हुई और परंपरा के अनुसार मंदिर के शिखर पर सूरजगढ़ का पावन निशान अर्पित किया गया।
सेवा और संकीर्तन का संगम
समिति केवल भक्ति ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ी है। इसी कड़ी में 19 मार्च को मंदिर परिसर में दो लाड़ली बहनों का विवाह संपन्न कराया जाएगा। वहीं, 20 मार्च को भव्य संकीर्तन का आयोजन होगा, जिसमें सुप्रसिद्ध भजन गायिका अंजलि द्विवेदी अपनी सुमधुर आवाज से भक्तों को निहाल करेंगी।
इस भव्य आयोजन में सचिव अजय कुमार गोला, कोषाध्यक्ष कपिल सिंघल, उपाध्यक्ष प्रमोद शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्याम प्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

