आगरा समेत यूपी के 17 जिलों में मौसम का ‘रेड अलर्ट’: 90 किमी की रफ्तार से चलेगा तूफान, ओलावृष्टि और भारी बारिश की चेतावनी

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आगरा। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और ‘सचेत’ ऐप ने उत्तर प्रदेश के एक बड़े हिस्से के लिए गंभीर मौसम चेतावनी जारी की है। अगले 24 घंटों के दौरान आगरा सहित प्रदेश के 17 जनपदों में मौसम का मिजाज अत्यधिक बिगड़ने की आशंका है। विभाग ने तीव्र आंधी-तूफान, ओलावृष्टि, वज्रपात (बिजली गिरने) और भारी बारिश को लेकर ‘रेड अलर्ट’ घोषित किया है।

खतरनाक हो सकती है हवा की गति

मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, इस दौरान हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जबकि कुछ संवेदनशील इलाकों में यह गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है। तेज आंधी के साथ-साथ गरज-चमक के साथ होने वाली भारी बारिश और ओलावृष्टि जनजीवन को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर सकती है।

​रेड अलर्ट की चपेट में ये जिले

प्रशासन ने जिन जनपदों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, उनमें आगरा, अलीगढ़, औरैया, बरेली, बिजनौर, एटा, इटावा, फिरोजाबाद, हमीरपुर, हाथरस, जालौन, झांसी, महोबा, मैनपुरी, मथुरा, सहारनपुर और शामली प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन जिलों के निवासियों को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

​जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण गाइडलाइंस (सुरक्षा के उपाय):

प्रशासन ने किसी भी अनहोनी को टालने के लिए नागरिकों से इन निर्देशों का पालन करने की अपील की है:

घरों में रहें: आंधी-तूफान के दौरान बाहर न निकलें। बड़े होर्डिंग्स, साइनबोर्ड, जर्जर दीवारों और पुराने पेड़ों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें।

​वज्रपात से बचाव: गरज-चमक के समय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग न करें। खुले मैदान, तालाब, खेत और पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से बचें।

किसानों के लिए सलाह: किसान अपनी फसलों को सुरक्षित करने के साथ-साथ मवेशियों को पक्के शेड या सुरक्षित स्थानों पर बाँध दें।

​बिजली के खतरों से सावधान: ओलावृष्टि के दौरान अपने सिर को ढककर सुरक्षित स्थान पर रहें। जलभराव वाले रास्तों, खुले नालों और टूटे हुए बिजली के तारों/खंभों के पास बिल्कुल न जाएँ।

​प्रशासन अलर्ट मोड पर

किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग, विद्युत विभाग और स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रखा गया है। राहत एवं बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मौसम के कहर से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुँचाई जा सके। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग के अपडेट्स पर नजर रखें और घबराएं नहीं, बल्कि धैर्य और सावधानी के साथ सुरक्षा मानकों का पालन करें।