आगरा में निर्माण कार्य के दौरान दर्दनाक हादसा: ‘पारस पल्स’ बिल्डिंग की लिफ्ट में करंट लगने से मजदूर की मौत, साइट छोड़कर भागे मालिक और सुपरवाइजर

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आगरा। ताजनगरी के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र में स्थित आवास विकास सेक्टर-12 में गुरुवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। निर्माणाधीन ‘पारस पल्स’ बिल्डिंग में काम कर रहे मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ निवासी मजदूर पर्बत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि लिफ्ट में आए हाई-वोल्टेज करंट की चपेट में आने से मजदूर ने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद से साइट का मालिक और सुपरवाइजर फरार हैं, जिससे आक्रोशित मजदूरों ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए हैं।

लापरवाही का आरोप: चेताने के बाद भी नहीं सुधारे हालात

मृतक के भाई बृजेंद्र, जो उसी साइट पर मिस्त्री हैं, ने हादसे के लिए सुपरवाइजर को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बेहद भावुक होते हुए बताया कि लिफ्ट में पहले से ही तकनीकी खराबी थी और करंट आने की आशंका बनी हुई थी। बृजेंद्र ने कहा, “मैंने सुपरवाइजर को आगाह किया था कि लिफ्ट असुरक्षित है और उसमें दो लोगों को साथ भेजें या काम रोक दें, लेकिन उसने मेरी चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया और जबरन मेरे भाई पर्बत को अकेले लिफ्ट में ऊपर भेज दिया।”

अकेले फंसे पर्बत, समय पर नहीं मिली मदद

परिजनों के अनुसार, लिफ्ट के ऊपर पहुंचते ही अचानक बिजली का फाल्ट हुआ और पर्बत करंट की चपेट में आ गया। अकेला होने के कारण वह वहां फंस गया और करीब 5 से 10 मिनट तक तड़पता रहा। जब अन्य मजदूरों की नजर लिफ्ट पर पड़ी, तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मौत की खबर सुनते ही भागे साइट मालिक

हादसे के बाद अस्पताल पहुंचे बिल्डिंग मालिक और उनके बेटे ने जब पर्बत की मौत की पुष्टि सुनी, तो वे कानूनी कार्रवाई और मुआवजे के डर से परिजनों को बिना बताए अस्पताल से रफूचक्कर हो गए। इस कृत्य ने मजदूरों में भारी रोष पैदा कर दिया है। मजदूरों का आरोप है कि यहां सुरक्षा के कोई भी इंतजाम नहीं हैं और जान जोखिम में डालकर काम कराया जा रहा है।

पुलिस ने शुरू की कानूनी प्रक्रिया

सूचना मिलते ही थाना जगदीशपुरा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएगी। फिलहाल, परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है और फरार मालिक व सुपरवाइजर की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं।