मुंबई: मुंबई के प्रतिष्ठित एनसीपीए स्थित जमशेद भाभा थिएटर में आयोजित ‘यशराज भारती सम्मान 2026’ का समारोह उन लोगों के नाम रहा, जो सुर्खियों से दूर रहकर समाज की नींव मजबूत कर रहे हैं। इस गरिमामयी शाम में भावनाओं का सैलाब था और तालियां उन हाथों के लिए बज रही थीं, जिन्होंने हजारों जिंदगियां बदली हैं। यह सम्मान समारोह समाज के उन अनदेखे नायकों को समर्पित था, जिनकी सेवा और करुणा आज के समय में एक मिसाल है।
₹1.01 करोड़ की सम्मान निधि और कड़ी चयन प्रक्रिया
इस सम्मान के लिए विजेताओं का चयन एक बेहद कठोर प्रक्रिया और स्वतंत्र ग्रैंड जूरी की सिफारिशों के आधार पर किया गया। विजेताओं को न केवल सम्मान पदक और प्रशस्ति पत्र दिए गए, बल्कि 1 करोड़ 1 लाख रुपये की भारी-भरकम सम्मान निधि भी प्रदान की गई। यह राशि इन संस्थाओं और व्यक्तियों के भविष्य के कार्यों को और अधिक मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से दी गई है।
दिग्गजों की उपस्थिति ने बढ़ाया गौरव
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत वी. बनर्जी और महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता दिलीप वालसे पाटिल की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को चार चाँद लगा दिए। मंच पर मौजूद इन दिग्गजों ने विजेताओं के संघर्ष और सफलता की कहानियों को बारीकी से सुना और सराहा।
विचारों की लहर पैदा करने का उद्देश्य
समारोह के दौरान दिनेश कुमार जैन ने अपने संबोधन में कहा, “यशराज भारती सम्मान उन व्यक्तियों और संस्थाओं को समर्पित है, जो बिना किसी पहचान की अपेक्षा के जमीनी स्तर पर निस्वार्थ भाव से कार्य करते हैं।” उन्होंने आगे जोड़ा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य इन प्रेरणादायक कहानियों को दुनिया के सामने लाना है, ताकि समाज में सेवा और जिम्मेदारी की एक नई लहर पैदा हो सके।
यह आयोजन समाज को यह याद दिलाने में सफल रहा कि वास्तविक परिवर्तन अक्सर खामोशी से होता है, लेकिन उसका प्रभाव सदियों तक रहता है।
-अनिल बेदाग

