Gen Z स्टारडम की नई ‘क्वीन’ बनीं काशिका कपूर: अभिनय और डिजिटल समझ के दम पर अनीत और सारा को छोड़ा पीछे

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मुंबई: ​बॉलीवुड और टॉलीवुड में इन दिनों एक नई लहर महसूस की जा रही है एक ऐसी लहर जो डिजिटल क्रांति और सशक्त अभिनय के संगम से पैदा हुई है। इस Gen Z ब्रिगेड में अनीत पड्डा और सारा अर्जुन जैसे टैलेंटेड नाम चर्चा में तो हैं, लेकिन अभिनेत्री काशिका कपूर (Kashika Kapoor) जिस रफ्तार से आगे बढ़ रही हैं, वह उन्हें अपनी समकालीन अभिनेत्रियों से मीलों आगे खड़ा करता है।

​अभिनय और कमर्शियल अपील का सटीक संतुलन

काशिका कपूर ने अपने करियर की शुरुआत में ही यह साबित कर दिया कि वे लंबी रेस का घोड़ा हैं। फिल्म “आयुष्मती गीता मैट्रिक पास” में उनके संजीदा अभिनय ने क्रिटिक्स का दिल जीता, तो वहीं टॉलीवुड प्रोजेक्ट “LYF” के जरिए उन्होंने अपनी पहुंच पैन-इंडिया लेवल तक बढ़ा ली है। काशिका की सबसे बड़ी ताकत उनका परफॉर्मेंस और कमर्शियल अपील के बीच का संतुलन है, जो उन्हें आज के युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय बनाता है।

प्रतिद्वंद्वियों के बीच उभरती पहचान

इस दौड़ में अनीत पड्डा भी अपनी शांत और सहज स्क्रीन प्रेजेंस के साथ पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं, जबकि पूर्व बाल कलाकार सारा अर्जुन अपने अनुभव को नए दौर की मैच्योर भूमिकाओं में ढालने के लिए संघर्ष कर रही हैं। हालांकि, इन सबके बीच काशिका कपूर एक ऐसी ‘कंपलीट पैकेज’ कलाकार के रूप में सामने आई हैं, जो न केवल लहर के साथ बहती हैं, बल्कि उसे अपनी प्रतिभा से मोड़ना भी जानती हैं।

​डिजिटल दौर की सुपरस्टार

आज के दर्शक सिर्फ बड़े पर्दे पर ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफार्म्स पर भी जुड़ाव महसूस करना चाहते हैं। काशिका की डिजिटल समझ और ऑडियंस के साथ उनका सीधा कनेक्ट उन्हें इस रेस में ‘फ्रंट-रनर’ बनाता है। आने वाले समय में काशिका के पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं, जो उन्हें ग्लोबल इंडियन स्टार के रूप में स्थापित कर सकते हैं।

-अनिल बेदाग