कंगना रनौत की ‘भारत भाग्य विधाता’: कामा अस्पताल के उन ‘अनसुने नायकों’ की कहानी, जिन्होंने आतंक के बीच बचाईं 400 जानें

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मुंबई: ​कंगना रनौत अपनी आने वाली फिल्म “भारत भाग्य विधाता” के साथ पर्दे पर देशभक्ति और मानवीय साहस का एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार हैं। 12 जून 2026 को रिलीज होने वाली यह फिल्म किसी काल्पनिक सुपरहीरो की नहीं, बल्कि उन आम लोगों की कहानी है जिन्होंने संकट की सबसे अंधेरी घड़ी में अपनी जान जोखिम में डालकर कर्तव्य को सर्वोपरि रखा।

कामा अस्पताल के जांबाज कर्मचारियों की गाथा

फिल्म की कहानी मुंबई के कामा अस्पताल की उस खौफनाक रात पर आधारित है, जब पूरा शहर आतंकी हमलों से दहल उठा था। फिल्म दिखाती है कि कैसे अस्पताल के भीतर मौजूद नर्सों, वार्ड बॉय, सफाई कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना 400 मरीजों की जान बचाई। कंगना इस फिल्म के जरिए उन नायकों को सम्मान दे रही हैं, जिनका जिक्र अक्सर इतिहास के पन्नों में दब जाता है।

​इंसानियत और एकता की पड़ताल

निर्देशक मनोज तापड़िया की यह थ्रिलर फिल्म केवल आतंक और तनाव को ही नहीं दिखाती, बल्कि यह विपरीत परिस्थितियों में इंसानियत और एकजुटता की गहरी पड़ताल करती है। पेन स्टूडियोज (Pen Studios) के बैनर तले बनी इस फिल्म में कंगना रनौत की सशक्त उपस्थिति इसे भावनात्मक गहराई प्रदान करती है। यह फिल्म देशभक्ति के उस स्वरूप को दिखाती है जो नारों से नहीं, बल्कि निस्वार्थ कर्म से परिभाषित होता है।

​12 जून को होगा महा-धमाका

कंगना रनौत ने हमेशा से ही महिला प्रधान और कंटेंट-आधारित फिल्मों के जरिए अपनी एक अलग पहचान बनाई है। ‘भारत भाग्य विधाता’ से उम्मीद की जा रही है कि यह फिल्म दर्शकों के दिलों में देशभक्ति का नया जज्बा पैदा करेगी। अब सबकी निगाहें 12 जून पर टिकी हैं, जब यह सच्ची कहानी सिनेमाघरों के बड़े पर्दे पर दस्तक देगी।

-अनिल बेदाग