मुंबई: रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के पावन अवसर पर अभिनेत्री शीना चोहान (Sheena Chohan) ने अपने करियर के उन मील के पत्थरों को याद किया है, जिन्होंने उन्हें एक संजीदा कलाकार के रूप में स्थापित किया। शीना ने दिग्गज फिल्मकार बुद्धदेव दासगुप्ता की फिल्मों ‘मुक्ति’ और ‘पत्रलेखा’ में टैगोर की साहित्यिक दुनिया से प्रेरित महिला पात्रों को पर्दे पर उतारा था। ये फिल्में उस दौर में महिला-केंद्रित विमर्श का हिस्सा बनीं, जब ऐसी कहानियों को मुख्यधारा में कम ही जगह मिलती थी।
बेला और पत्रलेखा: शांत विद्रोह की गाथा
फिल्म ‘मुक्ति’ में शीना ने टैगोर की अपनी बेटी ‘बेला’ का किरदार निभाया, जो उनके निजी जीवन और रचनाओं के भावनात्मक पहलुओं को जोड़ता है। वहीं ‘पत्रलेखा’ में उन्होंने एक ऐसी महिला की भूमिका निभाई जो वैवाहिक जीवन की सीमाओं के खिलाफ एक शांत विद्रोह करती है और केवल कविताओं व पत्रों तक सीमित रहने के बजाय अपनी स्वतंत्र पहचान खोजती है।
किरदारों के लिए की थी गहन साधना
इन भूमिकाओं में ढलने के लिए शीना ने टैगोर के साहित्य, उनकी कविताओं और दर्शन का गहराई से अध्ययन किया। अनुभव साझा करते हुए शीना कहती हैं, “मैंने उनकी महिला पात्रों की भावनात्मक गहराई और उनके मौन को समझने की कोशिश की थी। यह अनुभव सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि शब्दों के पीछे छिपी आत्मा को महसूस करने जैसा था। इन फिल्मों ने एक अभिनेता के रूप में मेरी नींव को मजबूत किया।”
15 अंतरराष्ट्रीय फिल्मों का सफर
टैगोर की कहानियों से शुरू हुआ यह सफर आज शीना को 15 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्वतंत्र फिल्मों तक ले आया है। वह आज एक ऐसी अभिनेत्री के रूप में जानी जाती हैं जो गहराई और साहित्यिक संवेदनशीलता वाली कहानियों को प्राथमिकता देती हैं।
फिल्मों की झलक (Watch Here)
फिल्म ‘मुक्ति’ की एक झलक यहाँ देखें: https://youtu.be/9HWLge72DQ8
फिल्म ‘पत्रलेखा’ की एक झलक यहाँ देखें: https://youtu.be/yICQ0oIiWYg

