आगरा: कालिंदीपुरम में गूंजे भागवत के जयकारे, 251 कलशों के साथ कथा महोत्सव का भव्य शुभारंभ

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​आगरा: खंदारी बायपास स्थित कालिंदीपुरम कॉलोनी का वातावरण सोमवार को पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। मौका था पंचेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का। कार्यक्रम की शुरुआत 251 मंगल कलशों की भव्य यात्रा के साथ हुई, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्ति के जयघोषों से गुंजायमान कर दिया।

​कलश यात्रा: भक्ति और आस्था का संगम

​कलश यात्रा का शुभारंभ पंचेश्वर महादेव मंदिर से वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के साथ हुआ। सिर पर कलश धारण किए महिलाओं और युवतियों की लंबी कतार श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। इस दौरान श्रद्धालु राधे-कृष्ण और श्रीमद्भागवत महापुराण के जयकारे लगाते हुए भक्ति रस में सराबोर दिखे। यह यात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर कॉलोनी के विभिन्न मार्गों से होती हुई पुनः मंदिर प्रांगण में संपन्न हुई।

​’भागवत कथा कलियुग में मोक्ष का सुलभ साधन’

कथा व्यास अनंत श्री विभूषित स्वामी श्री रामप्रपन्नाचार्य जी महाराज (श्रीधाम वृंदावन) ने कलश पूजन के साथ कथा का विधिवत शुभारंभ किया। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “भारतीय संस्कृति में कलश मंगल और दिव्य चेतना का प्रतीक है। कलश की स्थापना का अर्थ है देव शक्तियों का आह्वान करना, जिससे अनुष्ठान पूर्ण और फलदायी होता है।”

​महाराज जी ने आगे कहा कि श्रीमद्भागवत महज एक ग्रंथ नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण का साक्षात् स्वरूप है। कलियुग के इस दौर में भागवत कथा ही मनुष्य को मोह-माया के बंधनों से मुक्त कर ईश्वर की शरण में ले जाने का श्रेष्ठ और सरलतम मार्ग है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से नियमित कथा श्रवण कर जीवन को संस्कारवान बनाने का आह्वान किया।

​मुख्य यजमानों ने किया स्वागत

कार्यक्रम के मुख्य यजमान मनीष अग्रवाल और शिवानी अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा एक ‘ज्ञान गंगा’ है, जो मानव जीवन को सही दिशा दिखाती है और मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। आयोजक जगदीश प्रसाद लवानिया ने बताया कि कथा प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक आयोजित की जाएगी।

​इस पावन अवसर पर पंकज अग्रवाल, नीलू अग्रवाल, सरोज बाला अग्रवाल, जगमोहन गौतम, नानक चंद मिश्रा, कैलाश गौतम, जेपी शर्मा, शैलेंद्र सिंह, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, संजीव सिंह, पार्षद निशांत सिंह कन्नू, क्षेत्रपाल सिंह, यश कुमार दुबे, प्रीति मिश्रा, भू देवी राजपूत, कृष्ण सिंह, सारिका सिंह, इशिता सिंह एवं शानवी सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।