आगरा का पिन्नापुरा प्रकरण: पीड़ित परिवारों से मिले सांसद राजकुमार चाहर, निष्पक्ष जांच का दिलाया भरोसा; कहा—’किसी निर्दोष के साथ नहीं होगा अन्याय’

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आगरा/फतेहाबाद। फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के गांव पिन्नापुरा में हुई दुखद घटना के बाद उपजे आक्रोश और तनाव के बीच मंगलवार को शासन-प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर, स्थानीय विधायक छोटेलाल वर्मा, डीसीपी अभिषेक अग्रवाल और एसीपी इमरान के साथ गांव पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति ने प्रभावित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद जगाई है।

​’तथ्यों के आधार पर होगी पारदर्शी जांच’

पीड़ित परिवारों की पीड़ा को गंभीरता से सुनते हुए सांसद राजकुमार चाहर ने उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मामले में किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सांसद ने कहा, “हमारी प्राथमिकता सच्चाई सामने लाना है। इस पूरी घटना के हर पहलू की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होगी।”

​उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में उनकी आगरा पुलिस कमिश्नर से विस्तृत चर्चा हुई है और प्रशासन को जांच में पूरी संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सांसद ने आश्वासन दिया कि यदि जांच में किसी निर्दोष के गलत तरीके से फंसाए जाने या जेल भेजने के तथ्य सामने आते हैं, तो उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

​प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम

मौके पर मौजूद डीसीपी अभिषेक अग्रवाल ने भी परिवारों को आश्वस्त किया कि जांच प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाई जा रही है और हर तथ्य का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है। विधायक छोटेलाल वर्मा ने कहा कि वे लगातार पीड़ित परिवारों के संपर्क में हैं और प्रशासन के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों पर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई हो और निर्दोषों को राहत मिले।

क्षेत्र की निगाहें अब जांच निष्कर्ष पर

सांसद, विधायक और पुलिस के आला अधिकारियों की मौजूदगी ने गांव में व्याप्त तनाव को कम करने का प्रयास किया है। पीड़ित परिवारों ने अपनी आपबीती और प्रशासन से अपनी अपेक्षाएं साझा कीं। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के निष्कर्ष क्या निकलते हैं और प्रशासन द्वारा भविष्य में क्या कदम उठाए जाते हैं।

​इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता की आवश्यकता को रेखांकित किया है।