आगरा के मलपुरा में चलते चलते फ़टी टैक्टर वाली आटा चक्की, मिसाइल की रफ्तार से उड़े पत्थर, बुजुर्ग की मौत 5 से ज्यादा घायल

स्थानीय समाचार

आगरा, 19 मई। ताजनगरी के मलपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बाई खेड़ा में मंगलवार की सुबह एक ऐसा खौफनाक और दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। गांव में अनाज पीसने के लिए आई एक ट्रैक्टर-संचालित (चलित) आटा चक्की अचानक चालू हालत में भीषण धमाके के साथ फट गई।

यह विस्फोट इतना जबरदस्त था कि चक्की के भारी-भरकम पत्थर के टुकड़े मिसाइल की गति से कई फीट दूर तक हवा में उड़ते हुए जा गिरे, जिसकी चपेट में आने से मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। इस वीभत्स दुर्घटना में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच से अधिक ग्रामीण गंभीर रूप से लहुलूहान हो गए।

​अजय पाल के दरवाजे पर चल रहा था काम, अचानक हुआ ‘ब्लास्ट’

​प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 10:00 बजे यह चलित आटा चक्की अनाज पीसने के लिए गांव में दाखिल हुई थी। हमेशा की तरह गांव के तमाम महिला-पुरुष अपने-अपने घरों का गेहूं और दलिया पिसवाने के लिए चक्की के इर्द-गिर्द कतार लगाकर एकत्र थे।

चक्की को गांव के ही निवासी अजय पाल के दरवाजे के सामने मुख्य रास्ते पर खड़ा करके लगातार चलाया जा रहा था। चक्की अपनी पूरी रफ्तार में थी, तभी बिना कोई संकेत दिए अचानक एक कानफोड़ू धमाके के साथ चक्की का मुख्य पत्थर आंतरिक दबाव के चलते चिथड़े-चिथड़े होकर फट गया।

पत्थर के टुकड़ों ने मचाई तबाही: बुजुर्ग बेताल सिंह की मौत

​धमाका होते ही चक्की के पत्थर के नुकीले और भारी टुकड़े तेज रफ्तार छर्रों की तरह चारों ओर बिखरने लगे। वहां खड़े ग्रामीणों को संभलने या भागने का पल भर का भी मौका नहीं मिला और कई लोग सीधे इसकी चपेट में आ गए। चक्की के ठीक पास खड़े करीब 60 वर्षीय बुजुर्ग बेताल सिंह उर्फ सूखा पुत्र नेकराम के शरीर पर पत्थर के भारी टुकड़े इतनी तेजी से लगे कि वे गंभीर रूप से लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। ग्रामीण आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया।

कई लोग अस्पताल में भर्ती, मकान का दरवाजा टूटा और मवेशी ने तोड़ा दम

​इस खूनी हादसे में बेताल सिंह के अलावा वहां खड़े पवन, प्रमोद, भूदेवी, भूपेंद्र सिंह और गोपाल सिंह सहित पांच से अधिक लोग पत्थर के मलबे की सीधी चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को ग्रामीणों और परिजनों की मदद से तत्काल नजदीकी निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों के मुताबिक कुछ घायलों की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है।

​हादसे का असर इतना भयावह और विनाशकारी था कि उड़ते हुए पत्थरों की चोट से अजय पाल के पक्के मकान का मुख्य दरवाजा भी पूरी तरह टूटकर बिखर गया। यही नहीं, रास्ते के किनारे बंधा एक मवेशी (पशु) भी इस पत्थर की चपेट में आ गया, जिसने तड़पकर मौके पर ही दम तोड़ दिया। धमाके की भयावह आवाज सुनकर पूरे गांव में दहशत फैल गई और देखते ही देखते घटनास्थल पर हजारों ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।

​मौके पर पहुंची पुलिस; चलित चक्कियों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

दिल दहला देने वाले इस हादसे की सूचना मिलते ही मलपुरा थाना पुलिस दलबल के साथ तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए मृतक बेताल सिंह के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। इसके साथ ही, तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से चक्की फटने के वास्तविक कारणों की गहन जांच शुरू कर दी गई है। प्राथमिक जांच में पुलिस का अनुमान है कि चक्की के पत्थर में पहले से कोई अंदरूनी तकनीकी खराबी या दरार थी, जो अत्यधिक दबाव और गर्मी के चलते विस्फोट का कारण बन गई।

​इस बीच, आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण अंचलों में बिना किसी सुरक्षा मानकों और बिना रजिस्ट्रेशन के दौड़ने वाली इन चलित आटा चक्कियों की प्रशासन या उद्योग विभाग द्वारा कभी कोई नियमित जांच नहीं की जाती। पुरानी और जर्जर हो चुकी चक्कियों के चलते इस तरह के जानलेवा हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है। इस दर्दनाक हादसे के बाद से बाई खेड़ा गांव में पूरी तरह मातम पसरा हुआ है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।