असगर अली हत्याकांड में बड़ा मोड़: पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में आरोपी रवि यादव ने किया सरेंडर, पुराने वीवीआईपी केस का लिया सहारा

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आगरा, 19 मई। ताजनगरी के बहुचर्चित ट्रांसपोर्टर असगर अली हत्याकांड में मंगलवार को उस वक्त एक बेहद सनसनीखेज और बड़ा मोड़ सामने आया, जब पुलिस की चौतरफा घेराबंदी और लगातार दबिश के बीच मुख्य वांछित आरोपी रवि यादव ने पुलिस को गच्चा दे दिया। रवि यादव ने बेहद शातिराना तरीके से कानूनी दांवपेच का इस्तेमाल करते हुए सीधे अदालत में सरेंडर (आत्मसमर्पण) कर दिया। खुद को कानून के हवाले करने के बाद अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

​बताया जा रहा है कि आगरा पुलिस की कई टीमें पिछले कई दिनों से रवि यादव की गिरफ्तारी के लिए उसके तमाम संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही थीं। लेकिन पुलिस की पकड़ से दूर रहते हुए उसने हरीपर्वत थाने में दर्ज वर्ष 2019 के एक पुराने राजनीतिक मुकदमे की आड़ ली और चुपके से अदालत के समक्ष पेश हो गया। रवि यादव को उसके अधिवक्ताओं अवनीश कुमार बैश और बिलाल अहमद द्वारा कोर्ट में प्रस्तुत कराया गया, जहां से उसे सीधे सलाखों के पीछे भेज दिया गया।

डिप्टी सीएम का काफिला रोकने और काले झंडे दिखाने का है पुराना केस

​जिस पुराने मुकदमे का सहारा लेकर रवि यादव जेल जाने में कामयाब रहा, वह वर्ष 2019 में दर्ज एक हाई-प्रोफाइल वीवीआईपी विरोध प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है। उस दौरान रवि यादव समेत नौ नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इन सभी पर आरोप था कि इन्होंने एक बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम (उपमुख्यमंत्री) के काफिले को जबरन रोकने, उन्हें काले झंडे दिखाने और सड़क पर भारी हंगामा करने का प्रयास किया था। इस मामले में सरकारी कार्य में बाधा डालने, लोक सेवकों को धमकी देने और लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी कई गंभीर गैर-जमानती धाराएं लगाई गई थीं, जिसमें उसकी तलाश चल रही थी।

कौरई टोल प्लाजा के फुटेज तलब, रेकी की प्रबल आशंका

​भले ही रवि यादव ने सरेंडर कर पुलिस रिमांड से बचने की कोशिश की हो, लेकिन इस कदम के बाद असगर अली हत्याकांड की जांच के पहिये और तेजी से घूमने लगे हैं। आगरा पुलिस अब इस पूरे मर्डर मिस्ट्री को कई नए कयासों और एंगल्स से जोड़कर देख रही है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने नेशनल हाईवे पर स्थित कौरई टोल प्लाजा से विगत 3 अप्रैल की रात के सभी सीसीटीवी (CCTV) फुटेज आधिकारिक तौर पर तलब कर लिए हैं। पुलिस को पुख्ता आशंका है कि हत्या की वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले शूटरों और उनके मददगारों द्वारा ट्रांसपोर्टर असगर अली के मूवमेंट की बारीकी से रेकी (अनुश्रवण) की गई थी।

मर्डर मिस्ट्री में सामने आया ‘जीएसटी और ट्रक जब्ती’ का नया एंगल

​क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त जांच में एक बेहद चौंकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया है कि घटना वाली रात असगर अली किसी काम से फतेहपुर सीकरी गए हुए थे। इसी दौरान वाणिज्य कर विभाग (GST) की सचल दल टीम द्वारा उनके एक मालवाहक ट्रक को पकड़े जाने और सीज किए जाने की गोपनीय सूचना भी पुलिस के हाथ लगी है। अब जांच एजेंसियां इस बिंदु पर गहराई से माथापच्ची कर रही हैं कि उस रात ट्रक पकड़े जाने की घटना और असगर अली की हत्या की इस खूनी साजिश के बीच कहीं कोई गहरा अंतर्संबंध तो नहीं था।

फरार कामरान वारसी पर टिकी नजरें, डीसीपी बोले— जल्द होगा खुलासा

​मुख्य आरोपी रवि यादव के जेल पहुंचने के बाद अब आगरा पुलिस का पूरा फोकस इस हत्याकांड के एक अन्य फरार आरोपी कामरान वारसी पर टिक गया है। उसकी धरपकड़ के लिए सर्विलांस और स्वाट (SWAT) सहित कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और तकनीकी सर्विलांस व सीडीआर की मदद से उसकी सटीक लोकेशन ट्रैक की जा रही है।

​इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले पर विस्तृत जानकारी देते हुए डीसीपी (महानगर) सय्यद अली अब्बास ने कहा कि पुलिस हर एक पहलू पर अत्यंत वैज्ञानिक और कड़ाई से जांच कर रही है। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज, संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है।

उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि तफ्तीश सही दिशा में बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है, और बहुत जल्द इस चर्चित हत्याकांड के पीछे छिपे असली चेहरों और पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।