आगरा। सिकंदरा थाना क्षेत्र के रुनकता में दो किशोरियों के लापता होने का मामला एक और दर्दनाक मोड़ पर पहुंच गया है। मामले की जांच में सहयोग के लिए पुलिस चौकी बुलाए गए एक युवक ने घर लौटने के बाद ब्लेड से अपनी गर्दन काटकर खुदकुशी का प्रयास किया। युवक को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, हालांकि पुलिस अधिकारियों ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘सामान्य पूछताछ’ बताया है।
मामला क्या है?
रुनकता निवासी बांके बिहारी ने 9 जून 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी 17 वर्षीय बेटी और भांजी लापता हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान लापता किशोरियों की फोन कॉल के सुराग पर पुलिस ने राहुल और उसके भाई बिट्टू (रुनकता निवासी) को संदेह के घेरे में लिया। पुलिस के अनुसार, परिजन स्वयं इन युवकों को पूछताछ के लिए चौकी लेकर पहुंचे थे।
युवक का क्या है पक्ष?
पूछताछ के दौरान बिट्टू ने स्वीकार किया कि वह लापता किशोरी का सहपाठी रहा है, लेकिन उसने किसी भी अन्य जानकारी से इनकार किया। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की तो वह दिल्ली क्षेत्र में मिली। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान बिट्टू के परिजन वहीं मौजूद थे और पूछताछ के बाद उसे ‘सम्मानपूर्वक’ घर भेज दिया गया था। चौकी से घर लौटने के कुछ ही देर बाद बिट्टू ने ब्लेड से अपनी गर्दन काट ली।
पुलिस ने दी सफाई: ‘फुटेज में सब साफ’
इस घटना के बाद इलाके में पुलिसिया उत्पीड़न की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है चौकी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित है, जिसमें किसी भी प्रकार की मारपीट या दुर्व्यवहार नहीं दिख रहा है। युवक के साथ उसके परिजन मौजूद थे, जिससे दबाव का प्रश्न ही नहीं उठता। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी तरह से विधिक और सामान्य थी।
रहस्य बना आत्मघाती कदम
युवक द्वारा घर पहुंचकर खुद को नुकसान पहुंचाने के पीछे की असली वजह अभी भी एक बड़ा सवाल बनी हुई है। क्या यह किसी पुराने तनाव का नतीजा था या पूछताछ के दौरान उपजा कोई डर? फिलहाल अस्पताल में युवक का उपचार चल रहा है और उसकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। पुलिस अब एक तरफ किशोरियों की तलाश कर रही है, तो दूसरी तरफ इस बात की भी पड़ताल में जुटी है कि युवक ने इतना चरम कदम क्यों उठाया।


