यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार की घड़ी आई: राज्यपाल से मिलेंगे CM योगी, इन 6 चेहरों की लग सकती है लॉटरी

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में लंबे समय से प्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) की सुगबुगाहट अब तेज हो गई है। गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात कर सकते हैं। इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसे मंत्रिमंडल के नए चेहरों और फेरबदल की औपचारिक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि सीएम योगी राज्यपाल को नए मंत्रियों की संभावित सूची सौंप सकते हैं।

2027 की बिसात पर नया ‘मंत्रिमंडल’

भारतीय जनता पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। कैबिनेट विस्तार इसी रणनीति का एक बड़ा हिस्सा है। हाल ही में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत यूपी बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं ने दिल्ली में आलाकमान के साथ गहन मंथन किया था। सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का इंतजार किया जा रहा था, जो अब संपन्न हो चुका है। ऐसे में अब पूरी एकाग्रता उत्तर प्रदेश के विस्तार पर केंद्रित हो गई है।

​इन चेहरों पर दांव लगा सकती है बीजेपी

इस विस्तार में करीब आधा दर्जन नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने के लिए बीजेपी कुछ चौंकाने वाले नाम सामने ला सकती है। चर्चाओं में फतेहपुर से तीन बार की विधायक कृष्णा पासवान का नाम सबसे ऊपर है। उनके अलावा सपा छोड़कर बीजेपी के करीब आए मनोज पांडेय, पूजा पाल और कद्दावर नेता भूपेंद्र चौधरी व रोमी साहनी को भी कैबिनेट में जगह मिल सकती है।

इलाकाई और जातीय संतुलन पर जोर

बीजेपी का लक्ष्य इस विस्तार के जरिए उन क्षेत्रों और वर्गों को प्रतिनिधित्व देना है, जो आगामी चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पश्चिम से लेकर पूर्व तक के समीकरणों को दुरुस्त करने के लिए संगठन और सरकार के बीच तालमेल बिठाया जा रहा है। यदि आज मुख्यमंत्री और राज्यपाल की मुलाकात होती है, तो अगले 24 से 48 घंटों के भीतर लखनऊ के राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह की रौनक देखी जा सकती है।