आगरा के बाबूलाल गोयल विद्या मंदिर में संस्कार और नेतृत्व का संगम: मातृ पूजन और छात्र संसद शपथ समारोह ने बांधा समां

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आगरा: तहसील मार्ग स्थित श्री बाबूलाल गोयल सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शनिवार, 9 मई को संस्कारों और उत्तरदायित्वों का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। विद्यालय परिसर में ‘अभिभावक प्रबोधन’, ‘मातृ पूजन’ और ‘छात्र संसद/शशु भारती’ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह अत्यंत गरिमामय ढंग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के मूल सिद्धांतों से परिचित कराना था।

आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शुरुआत

समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. पार्थसारथी शर्मा, मुख्य वक्ता प्रख्यात लेखिका श्रीमती भावना वरदान शर्मा और प्रधानाचार्य श्री राजकुमार द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर नन्हे-मुन्ने बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों, गीत और नृत्य के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कर्तव्यों की शपथ और नेतृत्व का उदय

कार्यक्रम के विशेष सत्र में मुख्य वक्ता श्रीमती भावना वरदान शर्मा ने छात्र संसद और शिशु भारती के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सभी छात्र पदाधिकारियों ने अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निर्वहन करने का सामूहिक संकल्प लिया। श्रीमती भावना ने अपने संबोधन में कहा, “घर संस्कारों की पहली पाठशाला है और अभिभावक बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण के सबसे बड़े शिल्पकार हैं। हमें बच्चों के मनोवैज्ञानिक और सामाजिक विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए।”

​मातृ पूजन: भावनाओं का सैलाब

‘मातृ दिवस’ के उपलक्ष्य में आयोजित ‘मातृ पूजन’ कार्यक्रम सबसे भावुक क्षण रहा। इस दौरान बच्चों ने भारतीय सनातन परंपरा के अनुसार अपनी माताओं का माल्यार्पण किया और उनके चरण स्पर्श कर जीवनभर उनका आदर करने का संकल्प लिया। प्रधानाचार्य श्री राजकुमार ने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों का विकास है, जिससे एक आदर्श समाज का निर्माण होता है।

महाराणा प्रताप की वीरता का स्मरण

आज ही के दिन वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर विशिष्ट अतिथियों ने उनके चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर उन्हें नमन किया। वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़े शौर्य और स्वाभिमान के प्रेरक प्रसंग सुनाकर छात्रों को राष्ट्रभक्ति के लिए प्रेरित किया।

मुख्य अतिथि डॉ. पार्थसारथी शर्मा ने स्वच्छता और संस्कारों को जीवन का अभिन्न अंग बनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रशासन ने सभी अभिभावकों का आभार व्यक्त किया।