आगरा। उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक नगरी आगरा के सिकंदरा, पश्चिम पुरी स्थित ‘श्री हरिकृष्ण वृद्धजन सम्मान भवन’ में सोमवार को सुर, ताल और अगाध आस्था का एक बेहद अद्भुत और त्रिवेणी संगम देखने को मिला। पावन पुरुषोत्तम अधिक मास (अधिकमास) के शुभ अवसर पर ‘रेस्पेक्ट एज इंटरनेशनल’ (अंतरराष्ट्रीय वृद्ध जन सम्मान समिति) एवं ‘सुभारत संगीत निकेतन, सिकंदरा’ के संयुक्त तत्वावधान में भव्य “सनातन भक्ति संगीत संध्या” की श्रृंखला के प्रथम चरण का शानदार आयोजन किया गया। इस अनूठे आयोजन में विभिन्न विधाओं के भजनों के माध्यम से संपूर्ण वातावरण को पूरी तरह से भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया गया।
मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ भव्य शुभारंभ
इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम का विधिवत और मांगलिक शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन सम्मान समिति के सम्मानित संस्थापक एवं मुख्य सेवा प्रमुख डॉ. गिरीश सी. गुप्ता जी, सुभारत संगीत निकेतन के विख्यात संस्थापक पंडित देवाशीष गांगुली और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बी. डी. अग्रवाल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। सभी अतिथियों ने मंजू गुप्ता, मीता गांगुली, देवाशीष रत्ना चैटर्जी और समृद्धि सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में विद्या की देवी मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित किया और माल्यार्पण कर संगीत संध्या की औपचारिक शुरुआत की।
सर्वधर्म समभाव के सुरों से महकी शाम, ‘राम सुमिर ले…’ से झूम उठे लोग
इस ‘सनातन भक्ति संगीत संध्या’ की सबसे बड़ी विशेषता इसका सर्वधर्म समभाव और सर्व-समावेशी स्वरूप रहा। प्रख्यात संगीत मनीषी पंडित देवाशीष गांगुली “संगीतेश” के कुशल और प्रभावी निर्देशन में कलाकारों ने सनातन संस्कृति के साथ-साथ हिंदू, बौद्ध, जैन, सिख, आर्य समाज और राधा स्वामी सत्संग सहित सभी मतों व संप्रदायों के विभिन्न सुमधुर और पारंपरिक भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।
पंडित देवाशीष गांगुली और उनके साथी सह-कलाकारों ने जब मंच से पूरी तन्मयता के साथ यह प्रसिद्ध भजन सुनाया—
”तेरे मन में राम, तन में राम,
रोम रोम में राम रे,
राम सुमिर ले ध्यान लगा रे,
छोड़ जगत के काम रे…!”
तो इस पावन प्रस्तुति ने वहां उपस्थित हर एक श्रोता और विशेषकर वृद्धजनों को पूरी तरह से अंतरात्मा से भक्ति भाव में डुबो दिया। लोग आंखें बंद कर भजनों की पावन धुन पर झूमते और ताली बजाते नजर आए।
जूनियर-सीनियर डिप्लोमा के विद्यार्थियों और आकाशवाणी के कलाकारों ने बांधा समां
संगीत के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे प्रतिभावान युवा कलाकारों ने भी इस मंच पर अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया। सुभारत संगीत निकेतन से संगीत डिप्लोमा कर रहे विद्यार्थी कलाकारों में जूनियर डिप्लोमा की सविना खान, राजेश कुमार, महेंद्र प्रताप सिंह, रागिनी जैन, प्रतीक्षा जैन, निशा गोस्वामी, निखिल कुलश्रेष्ठ, करीना गोयल, सरदार अमनदीप सिंह, वैभव शर्मा, भव्यांश गोयल, कपिल सागर, शांभवी ठाकुर और उत्कर्ष तिवारी आदि ने अपनी सुरीली आवाज से सभी को चकित कर दिया।
वहीं, सीनियर डिप्लोमा वर्ग से चित्रा गोयल, अयान खां, विदिशा शांत, प्रशांत परिहार, महिमा सत्संगी और अमिता शांत ने समां बांधा। इसके साथ ही संगीत प्रभाकर डिप्लोमा की मेधावी छात्रा व संस्था की कोषाध्यक्ष समृद्धि सिंह, सह सचिव आदित्य सिंह राणा, अरमा कुमारी और पूजा अग्रहरि ने भी अपनी परिपक्व प्रस्तुतियों से पूरे हॉल को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान कर दिया।
कार्यक्रम में विशेष आकर्षण के रूप में खुद पंडित देवाशीष गांगुली, आकाशवाणी की सुप्रसिद्ध सीनियर कलाकार और संस्था की सह-संस्थापिका मीता गांगुली तथा आकाशवाणी की जानी-मानी उद्घोषिका व प्रखर मंच संचालिका डॉ. वैशाली शर्मा ने अपने जादुई और शास्त्रीय भक्ति संगीत के गायन से समस्त प्रबुद्ध श्रोताओं को पूरी तरह से भावविभोर और आनंदित कर दिया। इनके अलावा पुष्पांजली नर्सिंग स्कूल की सेवाभावी छात्राओं और युवा कलाकार शिवानी ने भी बेहद मधुर भजन प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी।
कार्यक्रम में शहर के ये प्रबुद्ध जन रहे मौजूद
वृद्धजनों को मानसिक शांति और सम्मान प्रदान करने वाले इस पावन धार्मिक-सांस्कृतिक अनुष्ठान के दौरान शहर के तमाम गणमान्य और बुद्धिजीवी वर्ग ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर मुख्य रूप से वरिष्ठ पत्रकार डॉ. महेश धाकड़, राजेश गुप्ता, जेपी शर्मा, तरुण राज, एसके गुप्ता, रामेंद्र शर्मा, मनोज कुमार, कमलदीप, विजय पाठक सहित भारी संख्या में संगीत प्रेमी, समाज सेवी और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की।


