लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में ‘कुर्सी’ और ‘स्टूल’ को लेकर छिड़ा जुबानी युद्ध अब और तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव द्वारा दोनों डिप्टी सीएम की तुलना ‘दो स्टूलों’ से किए जाने पर अब डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मोर्चा संभाल लिया है। ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव की टिप्पणी को ‘कुर्सी मोह’ से ग्रसित राजनीति करार देते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ऐसी बयानबाजी को गंभीरता से नहीं लेती और आने वाले चुनावों में सपा को फिर से आईना दिखाएगी।
”परम मित्र और परिवार हैं केशव मौर्य”
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर तीखा पलटवार करते हुए ब्रजेश पाठक ने लिखा कि आज के नए उत्तर प्रदेश में भाजपा की इस ‘सुपर जोड़ी’ की चर्चा हर तरफ है। उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा, “मैं आपकी परेशानी समझ सकता हूँ। मेरे परम मित्र और पारिवारिक सदस्य केशव प्रसाद मौर्य और मेरे घर के दरवाजे जनता की सेवा के लिए चौबीसों घंटे खुले हैं।” पाठक ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार बातों के बजाय धरातल पर काम करने में विश्वास रखती है।
अखिलेश की नीति पर प्रहार
डिप्टी सीएम ने अखिलेश यादव की राजनीति को ‘तुष्टीकरण और कुत्सित’ बताते हुए कहा कि जनता सपा की पुरानी नीतियों को अच्छी तरह जानती है। उन्होंने कहा कि यह ‘नया उत्तर प्रदेश’ है, जहाँ विकास भी है और जनता का अटूट विश्वास भी। ब्रजेश पाठक ने अखिलेश को सलाह देते हुए कहा कि फर्जी बयानों से कुछ हासिल नहीं होने वाला है, क्योंकि जनता ने बार-बार चुनावों में सपा को नकारा है और 2027 में भी भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ वापसी करेगी।
विकसित भारत 2047 का संकल्प
ब्रजेश पाठक ने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि वे भगवान बुद्ध के शांति और सौहार्द के मार्ग पर ‘सबका साथ, सबका विकास’ की विचारधारा के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इससे पहले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी अखिलेश को जवाब देते हुए खुद को सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य का वंशज बताया था और सपा शासन के दौरान पिछड़ों पर हुए कथित अत्याचारों का हिसाब चुकता करने की बात कही थी।
क्या था विवाद का मुख्य केंद्र?
इस पूरे विवाद की जड़ वह वीडियो है, जिसमें बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर दोनों डिप्टी सीएम एक साथ टहलते नजर आए थे। इसी वीडियो पर चुटकी लेते हुए अखिलेश यादव ने लिखा था, “दो स्टूलों को मिलाने से कुर्सी नहीं बनती।” अखिलेश के इसी एक वाक्य ने प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है, जिसका जवाब अब दोनों डिप्टी सीएम पुरजोर तरीके से दे रहे हैं।

