प्रतीक यादव पंचतत्व में विलीन: ससुर अरविंद बिष्ट ने दी मुखाग्नि, भाई अखिलेश यादव ने निभाई अंतिम जिम्मेदारी

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लखनऊ: समाजवादी परिवार के लिए शनिवार का दिन अत्यंत दुखद रहा। प्रतीक यादव की अंतिम विदाई के दौरान राजधानी के बैकुंठधाम श्मशान घाट पर एक ऐसा भावुक मंजर देखने को मिला जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। प्रतीक यादव के ससुर अरविंद बिष्ट ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान उनकी पत्नी और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव अपने आंसुओं को रोक नहीं सकीं और फूट-फूटकर रोती रहीं।

​भावुक कर देने वाली अंतिम यात्रा

​प्रतीक यादव की अंतिम यात्रा जब उनके आवास से शुरू हुई, तो बड़ी संख्या में शुभचिंतक और समर्थक उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। अपर्णा यादव अपनी दोनों मासूम बेटियों के साथ श्मशान घाट पहुँचीं। पिता के साये से महरूम हुई बेटियों के चेहरों पर पसरा सन्नाटा देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंख भर आई। अपर्णा ने इस दुखद घड़ी में अपने करीबियों और समर्थकों से प्रतीक को श्रद्धांजलि देने की भावुक अपील की थी।

​भाई के साथ चट्टान की तरह खड़े रहे अखिलेश यादव

​प्रतीक यादव के निधन की सूचना मिलने के बाद से ही पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सक्रिय रहे। वे अस्पताल से लेकर श्मशान घाट तक परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नजर आए। उन्होंने अपने भाई को याद करते हुए कहा, “प्रतीक हमेशा जीवन में कुछ बड़ा करने का सपना देखते थे और अपनी मेहनत से अपनी अलग पहचान बनाने के लिए संघर्षरत रहते थे।”

राजनीतिक दलों ने भुलाए मतभेद, सांत्वना देने पहुंचे दिग्गज

​दुख की इस घड़ी में राजनीतिक मतभेद पीछे छूट गए। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए समाजवादी पार्टी और भाजपा दोनों ही दलों के वरिष्ठ नेता पहुंचे। ​सपा परिवार से शिवपाल सिंह यादव, धर्मेंद्र यादव और परिवार के अन्य सदस्य व सरकार की ओर से यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बैकुंठधाम पहुंचकर परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

एक समर्पित व्यक्तित्व का अंत

​प्रतीक यादव को उनके शांत स्वभाव और फिटनेस के प्रति जुनून के लिए जाना जाता था। उनके असामयिक निधन से न केवल यादव परिवार बल्कि उनके चाहने वालों में भी शोक की लहर है। सोशल मीडिया पर भी विभिन्न राजनीतिक हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।