लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्रकृति के प्रकोप से हुई तबाही को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी तरह एक्शन मोड में हैं। उन्होंने राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपदा से हुए नुकसान का आकलन और मुआवजे की प्रक्रिया में कोई कोताही न बरती जाए। मुख्यमंत्री ने व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए प्रत्येक तीन घंटे में स्थिति अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।
19 जिलों में भारी तबाही, सीएम ने जताया दुख
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 19 जिलों से जनहानि, पशुहानि और फसलों के नुकसान की खबरें आई हैं। विशेष रूप से बाराबंकी, बहराइच, कानपुर देहात, बस्ती, संभल, हरदोई, उन्नाव समेत कुल 19 जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं । मुख्यमंत्री ने इन हादसों में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश: राहत कार्यों में लाएं तेजी
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों (DM) को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। सभी प्रभावित जिले हर तीन घंटे में राहत कार्यों, सर्वेक्षण और स्थिति की रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। जिलाधिकारी और संबंधित विभाग के अधिकारी तत्काल फील्ड में जाकर पीड़ितों से मिलें और सर्वेक्षण कार्य को बिना देरी के पूरा करें। जनहानि, पशुहानि और मकानों के क्षतिग्रस्त होने पर निर्धारित मुआवजा राशि तुरंत वितरित की जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बचाव अभियान (Rescue Operations) और मुआवजा वितरण की जानकारी को सोशल मीडिया (Internet Media) पर भी अपडेट किया जाए ताकि जनता को सहायता की सही जानकारी मिल सके।
प्राथमिकता पर राहत और बचाव कार्य
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि आपदा की इस घड़ी में राहत कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जिनके मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके रहने और खाने की समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही, फसलों के नुकसान का सटीक सर्वे कर किसानों को राहत पहुँचाने की प्रक्रिया तेज की जाए।


