मथुरा से अयोध्या पहुंचा ‘कान्हा’ का स्नेह: रामनवमी पर प्रभु श्रीराम को अर्पित होगा श्रीकृष्ण जन्मभूमि का विशेष प्रसाद

Religion/ Spirituality/ Culture

अयोध्या/मथुरा: रामनवमी के पावन अवसर पर रामनगरी अयोध्या और कृष्ण नगरी मथुरा के बीच भक्ति का एक अद्भुत सेतु देखने को मिल रहा है। भगवान श्रीकृष्ण जन्मभूमि, मथुरा से प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव के लिए सोमवार को विशेष ‘छप्पन भोग’ और प्रसाद अयोध्या भेजा गया। भक्ति गीतों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच एक सजे-धजे वाहन को विधि-विधान से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

11 मन पंजीरी और सवा मन लड्डू का लगेगा भोग

श्रीकृष्ण जन्मभूमि से भेजे गए इस विशेष उपहार में 11 मन धनिया की पंजीरी, सवा मन लड्डू, नवीन वस्त्र और ताजे फल शामिल हैं। रामनवमी के मुख्य उत्सव पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से यह सामग्री प्रभु रामलला को भोग के रूप में अर्पित की जाएगी। मथुरा से अयोध्या तक का यह सफर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का एक बड़ा केंद्र बना हुआ है।

भक्ति और कला का संगम: राम मंदिर में नृत्यांजलि

​रामनवमी मेले के चौथे दिन अयोध्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने लगा है। मंदिरों में दर्शन-पूजन के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छटा बिखरी हुई है। हाल ही में बेंगलुरु की ‘दिव्याशरी वाटि जी नृत्योदय अकादमी’ की 39 महिला कलाकारों ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की यज्ञशाला में भरतनाट्यम के जरिए अपनी कला आराध्य को समर्पित की।

​इसके साथ ही, कनक भवन, जानकी महल और कालेराम मंदिर जैसे प्रमुख स्थलों पर बधाई गीतों और शास्त्रीय संगीत की जुगलबंदी से पूरा वातावरण राममय हो गया है।

आगामी आकर्षण: आधुनिक संगीत और महाराष्ट्र का ‘ढोल-ताशा’

​अयोध्या में आने वाले दिनों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की लंबी फेहरिस्त तैयार है । ​25 मार्च को नागपुर का प्रसिद्ध ‘द अनहद’ म्यूजिकल बैंड अपनी प्रस्तुति देगा। इसमें पुराने भजनों को आधुनिक संगीत के साथ मिलाकर ‘भजन जेमिनी’ के रूप में पेश किया जाएगा।

​26 मार्च को ‘विठु माऊली वाद्य पथक’ (नागपुर) की ओर से ढोल-ताशा की गर्जना होगी। यह प्रस्तुति महाराष्ट्र की वीरतापूर्ण परंपरा और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है, जो पहली बार रामलला के दरबार में विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी।

अयोध्या प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि हर भक्त अपने आराध्य के जन्मोत्सव का आनंद ले सके।