धर्मांतरण गैंग का खौफनाक जाल: आगरा की बहनों के बाद राजस्थान की CA छात्रा का ‘ब्रेनवॉश’, ऐसे बची जान

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आगरा: ताजनगरी की दो सगी बहनों के धर्मांतरण मामले में पुलिस की सक्रियता ने एक और बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। करीब नौ महीने की खामोशी के बाद अब राजस्थान की एक सीए (CA) छात्रा सामने आई है, जिसने इस खतरनाक गिरोह के ब्रेनवॉश और ट्रैपिंग मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। अगर पुलिस समय रहते इस सिंडिकेट को ध्वस्त नहीं करती, तो राजस्थान की इस बेटी को भी दिल्ली के रास्ते कोलकाता के अंधेरे गलियारों में गायब कर दिया जाता।

​सोशल मीडिया पर ‘आयशा’ ने बिछाया था जाल

पुलिस जांच में पता चला है कि राजस्थान के डीडवाना-कुचामन की रहने वाली इस छात्रा को गोवा की निवासी आयशा (जो अब पुलिस की गिरफ्त में है) ने अपने जाल में फंसाया था। सोशल मीडिया के जरिए छात्रा का इस कदर ब्रेनवॉश किया गया कि वह अपना घर और करियर छोड़ने को तैयार हो गई थी। आयशा ने उसके बैंक खाते में पैसे भी ट्रांसफर किए थे। योजना के मुताबिक, छात्रा को जयपुर से दिल्ली बुलाया जाना था, जहाँ ‘कलमा’ पढ़ाने के बाद उसे सीधे कोलकाता भेज दिया जाता।

​6 राज्यों में छापेमारी और 14 गिरफ्तारियां

इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ जुलाई 2025 में हुआ था, जब आगरा के सदर क्षेत्र की दो बहनों को कोलकाता के मुस्लिम बाहुल्य इलाके ‘तपसिया’ से मुक्त कराया गया था। आगरा पुलिस ने एक साथ छह राज्यों में दबिश देकर अब तक 14 आरोपियों को जेल भेजा है। एडीसीपी (पश्चिमी जोन) आदित्य सिंह के मुताबिक, आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स और कॉल डिटेल्स खंगालने पर राजस्थान की इस छात्रा का सुराग मिला।

​काउंसलिंग के बाद टूटी चुप्पी

शुरुआत में छात्रा और उसके परिजन डर के कारण सामने आने से कतर रहे थे। उन्हें अंदेशा था कि पुलिसिया कार्रवाई उनके लिए परेशानी का सबब बन सकती है। हालांकि, हाल ही में धर्मांतरण की कई घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने परिवार की काउंसलिंग की और सुरक्षा का भरोसा दिलाया। इसके बाद छात्रा ने बुधवार को कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराए, जो अब आरोपियों को सख्त सजा दिलाने में मुख्य आधार बनेंगे।

​कनाडा में बैठा मास्टरमाइंड और टेरर लिंक

इस गैंग के तार केवल धर्मांतरण तक ही सीमित नहीं हैं। पुलिस को जांच में आतंकी कनेक्शन, मानव तस्करी और अंगों की अवैध खरीद-फरोख्त के भी पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। गिरोह का मास्टरमाइंड, भोपाल निवासी सय्यद दाउद, फिलहाल कनाडा में छिपा है। बताया जा रहा है कि वह सीधे पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में है और वहीं से फंडिंग का मैनेजमेंट देख रहा है। पुलिस ने दाउद के घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी तलाश जारी है।

​गैंग के मुख्य चेहरे

पुलिस अब तक रहमान कुरैशी, अब्बू तालिब, आयशा उर्फ कृष्णा, अली हसन, ओसामा और जुनैद सहित 14 लोगों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। जांच में खुलासा हुआ है कि कश्मीरी युवतियों का इस्तेमाल कर गैर-मुस्लिम लड़कियों को टारगेट किया जाता था, ताकि उन पर शक न हो।