आगरा, 28 अप्रैल: दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल की सुरक्षा और मर्यादा से खिलवाड़ करना एक संविदा कर्मचारी को महंगा पड़ गया। पर्यटकों के लिए बंद ताजमहल की मुख्य मीनार पर चढ़कर वीडियोग्राफी करने के मामले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दोषी सफाई कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया है। साथ ही, भविष्य में ऐसी चूक न हो, इसके लिए प्रतिबंधित क्षेत्रों में कर्मचारियों के मोबाइल ले जाने पर भी रोक लगा दी गई है।
इंस्टाग्राम पर वायरल हुआ 360° व्यू
दरअसल, ‘इट्स विशाल भाई’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से ताजमहल का एक वीडियो पोस्ट किया गया था। इस वीडियो में ताजमहल की मीनार से 360 डिग्री का शानदार व्यू दिखाया गया था। चूंकि ताजमहल की चारों मीनारें पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद हैं, इसलिए वीडियो सामने आते ही ASI प्रशासन में हड़कंप मच गया।
जांच में दोषी पाया गया कर्मचारी
एएसआई की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि यह वीडियो वहां कार्यरत एक संविदा सफाई कर्मचारी ने अति उत्साह में बनाया था। ताजमहल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक कलंदर बिंद ने बताया कि यह वीडियो करीब 5-6 दिन पुराना है। मामला संज्ञान में आते ही वीडियो को सोशल मीडिया से डिलीट कराया गया और अनुशासनहीनता के आरोप में संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया।
अब मोबाइल ले जाने पर सख्त पाबंदी
इस घटना के बाद एएसआई ने ताजमहल के प्रतिबंधित क्षेत्रों (मीनार, मुख्य गुंबद और भूमिगत कक्षों) में ड्यूटी करने वाले सभी कर्मचारियों के लिए नए आदेश जारी किए हैं। अब इन संवेदनशील जगहों पर तैनाती के दौरान कर्मचारी अपने साथ मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे। विभाग ने सख्त हिदायत दी है कि कोई भी कर्मचारी स्मारक के प्रतिबंधित हिस्सों की फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी नहीं करेगा।

