सुरों का संगम, मिट्टी की खुशबू: ‘कोक स्टूडियो भारत’ सीजन 4 का आगाज़; रेखा भारद्वाज और मामे खान समेत दिग्गजों की सजेगी महफिल

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​मुंबई (अनिल बेदाग): भारतीय संगीत के सबसे प्रतिष्ठित और चहेते मंचों में से एक ‘कोक स्टूडियो भारत’ अपने चौथे सीजन के साथ वापसी कर रहा है। तीन सफल सीजनों की अपार लोकप्रियता के बाद, सीजन 4 के लिए कलाकारों की बहुप्रतीक्षित ‘द लिस्ट’ (The List) जारी कर दी गई है। इस बार यह मंच न केवल संगीत, बल्कि भारत की विविध सांस्कृतिक जड़ों, लोक कथाओं और आधुनिक प्रयोगों का एक अद्भुत कोलाज पेश करने का वादा कर रहा है।

सितारों से सजी ‘द लिस्ट’

​सीजन 4 के लाइन-अप में भारतीय संगीत जगत के दिग्गज और उभरते हुए प्रतिभावान कलाकार एक साथ नज़र आएंगे। मुख्य कलाकारों में शामिल हैं:

रेखा भारद्वाज: अपनी मखमली और सूफी आवाज़ के लिए मशहूर।

मामे खान और कुटले खान: राजस्थान की लोक विरासत के ध्वजवाहक।

मोहम्मद फैज़ और आदित्य रिखारी: युवाओं के पसंदीदा और रूहानी आवाज़ के मालिक।

फहीम अब्दुल्ला और अर्सलान निज़ामी: संगीत में नई गहराई और प्रयोग लाने वाले कलाकार।

कश्मीर से कन्याकुमारी तक की संगीतमय यात्रा

इस सीजन की सबसे बड़ी खासियत इसकी विविधता है। इस बार का सफर राजस्थान के रेतीले धोरों के लोक संगीत से शुरू होकर, कश्मीर की शांत वादियों की दास्तानगोई, बनारस की आध्यात्मिक सांस्कृतिक झलक और पंजाब की समृद्ध सूफी परंपरा तक फैलेगा। यह सीजन भक्ति, विरह, प्रेम और पुरानी स्मृतियों को नए ज़माने के संगीत (Fusion) के साथ पिरोकर पेश करेगा।

​परंपरा और आधुनिकता का ‘पुल’

कलाकारों का मानना है कि कोक स्टूडियो भारत सिर्फ एक प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि एक ऐसा ‘पुल’ है जो सदियों पुरानी परंपराओं को आज की आधुनिक ध्वनि से जोड़ता है। यहाँ होने वाली ‘जुगलबंदी’ व्यक्तिगत भावनाओं को एक भव्य वैश्विक ध्वनि (Global Sound) में बदल देती है, जिससे भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलती है।

​डिजिटल-फर्स्ट दर्शकों के लिए खास अनुभव

​आज के डिजिटल युग के दर्शकों को ध्यान में रखते हुए, इस सीजन को बेहद ‘एक्सपेरिमेंटल’ बनाया गया है। गानों को एक साथ रिलीज़ करने के बजाय धीरे-धीरे ‘रिवील’ किया जाएगा, ताकि दर्शकों के बीच उत्साह और उत्सुकता बनी रहे। सीजन 4 के साथ कोक स्टूडियो भारत एक बार फिर साबित करने को तैयार है कि संगीत की कोई सीमा नहीं होती।