आगरा: देश की 16वीं और आजादी के बाद की 8वीं जनगणना को लेकर ताजनगरी में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक कर ‘जनगणना 2027’ का खाका पेश किया। इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसमें 7 मई से आम जनता के लिए ‘स्व-गणना’ (Self Enumeration) का विशेष पोर्टल और मोबाइल ऐप खोल दिया जाएगा।
7 मई से 21 मई तक ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ विंडो
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना कार्य की शुरुआत 7 मई 2026 को एक विशेष अभियान के साथ होगी। सबसे पहले जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के परिवारों का डेटा ऑनलाइन अपलोड कराया जाएगा। इसके बाद 7 से 21 मई तक जिले का कोई भी नागरिक निर्धारित पोर्टल या ऐप के जरिए अपनी और अपने परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेगा। इससे जनगणना कार्य में पारदर्शिता आएगी और डेटा त्रुटिहीन रहेगा।
दो चरणों में पूरा होगा महाभियान
जनगणना की प्रक्रिया को दो मुख्य चरणों में विभाजित किया गया है:
प्रथम चरण (22 मई – 20 जून 2026): इस चरण में मकान सूचीकरण (House Listing) और भवन गणना का कार्य होगा। इसमें प्रगणक घर-घर जाकर मकानों की स्थिति की जानकारी लेंगे।
द्वितीय चरण (फरवरी 2027): जनगणना का यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होगा, जिसमें जनसंख्या गणना के साथ-साथ जातिगत जनगणना भी की जाएगी।
33 सवालों में सिमटेगी आपकी जानकारी
एडीएम (वित्त एवं राजस्व) शुभांगी शुक्ला ने बताया कि मकान सूचीकरण के दौरान प्रगणक नागरिकों से कुल 33 प्रकार की जानकारियां मांगेंगे। इसमें मकान की निर्माण सामग्री से लेकर शौचालय, बिजली, एलपीजी कनेक्शन, इंटरनेट, वाहन, टीवी और अनाज जैसी बुनियादी और डिजिटल सुविधाओं का विवरण शामिल होगा। यह डेटा भविष्य की सरकारी नीतियों और विकास योजनाओं का आधार बनेगा।
लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि जनगणना के कार्य को चुनाव की तरह ही गंभीरता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों (SDMs) और नगरीय निकायों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रगणकों और सुपरवाइजरों को उच्च स्तर की डिजिटल ट्रेनिंग दी जाए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने वाले प्रगणक या अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

