लखीमपुर खीरी। जनपद के सदर कोतवाली क्षेत्र में 12वीं के एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मामला ‘रील’ के शौक और ‘कत्ल’ के आरोपों के बीच उलझ गया है। जहाँ एक ओर सोशल मीडिया पर छात्र का तमंचा लोड करते समय गोली लगने का कथित वीडियो वायरल हो रहा है, वहीं दूसरी ओर शोकाकुल परिजनों ने इसे सोची-समझी साजिश के तहत अपहरण और हत्या करार दिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
अस्पताल का झूठ: ‘पटाखा’ बताया, निकली ‘गोली’
घटना का सिलसिला 30 मार्च की शाम से शुरू हुआ, जब सुआगाड़ा निवासी अनिल कुमार झा का 17 वर्षीय बेटा अंश कुमार झा अपने दोस्तों के साथ घर से निकला था। अगले दिन दोपहर में अंश ने फोन कर परिजनों को अपनी तबीयत खराब होने और अस्पताल में भर्ती होने की सूचना दी। जब परिवार अस्पताल पहुँचा, तो वहाँ मौजूद दोस्तों और स्टाफ ने कथित तौर पर सच छिपाने की कोशिश की। परिजनों को बताया गया कि अंश पटाखों से झुलस गया है।
लखनऊ के अस्पताल में खुला मौत का राज
अंश की हालत बिगड़ने पर उसे लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर किया गया। यहाँ डॉक्टरों ने जब जांच की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जिसे परिजन ‘झुलसना’ समझ रहे थे, वह दरअसल पेट में लगी गोली का जख्म था। जिंदगी और मौत के बीच 48 घंटे तक जूझने के बाद 2 अप्रैल की सुबह अंश ने दम तोड़ दिया।
रील का वीडियो और परिजनों का दावा
मामले में एक वीडियो भी चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें अंश कथित तौर पर तमंचे में कारतूस लोड करता दिख रहा है और अचानक गोली चलने से वह गिर जाता है। हालांकि, पिता अनिल कुमार झा ने इस वीडियो की सत्यता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि उनके बेटे का अपहरण किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। उनका कहना है कि सच्चाई को ‘हादसे’ का रूप देने के लिए साजिश रची गई है।
पुलिस की कार्रवाई: जांच के दायरे में दोस्त
सदर कोतवाली पुलिस ने पिता की तहरीर पर शुभम कुमार, नितिन सिंह उर्फ मिक्कू और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अवैध हथियार कहाँ से आया और क्या रील बनाने के दौरान सच में कोई और भी वहां मौजूद था जिसने ट्रिगर दबाया। फिलहाल, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों का इंतजार किया जा रहा है।

