आगरा: पश्चिम बंगाल के सियासी रण में हुए बड़े उलटफेर की गूंज ताजनगरी के बाजारों तक सुनाई दे रही है। नूरी दरवाजा स्थित ऐतिहासिक भगत सिंह चौक पर शहर के दिग्गज व्यापारियों और जुझारू महिला शक्ति ने एकत्र होकर बंगाल में हुए राजनीतिक बदलाव का जोरदार स्वागत किया। व्यापारियों के चेहरे पर जीत की चमक और ढोल-नगाड़ों की थाप ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।
शहीद की प्रतिमा पर नमन और गूंजते नारे
कार्यक्रम का आगाज शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर किया गया। इसके फौरन बाद पूरा क्षेत्र ‘भारत माता की जय’ और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारों से सराबोर हो गया। व्यापारियों का मानना है कि यह जीत केवल एक चुनाव की जीत नहीं, बल्कि अराजकता और महिला उत्पीड़न के खिलाफ एक बड़े जनादेश की जीत है।
रसगुल्ले और पेठे का अनूठा संगम
जश्न को यादगार बनाने के लिए व्यापारियों ने बंगाल के मशहूर रसगुल्लों और आगरा के विश्वप्रसिद्ध पेठे का वितरण किया। राहगीरों का मुंह मीठा कराते हुए व्यापारियों ने संदेश दिया कि अब बंगाल और उत्तर प्रदेश के विकास की राह एक होने जा रही है।
”बंगाल को अब मिली वास्तविक आजादी”
कैट (CAIT) के जिला अध्यक्ष रोहित कत्याल ने इस मौके पर कहा कि देश 1947 में आजाद हुआ था, लेकिन बंगाल को ‘असली आजादी’ आज मिली है। उन्होंने भरोसा जताया कि अब केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाएं सीधे बंगाल के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचेंगी। वहीं, पेठा व्यवसायी राजेश अग्रवाल ने कहा कि ममता सरकार की विदाई के साथ ही बंगाल से घुसपैठ, आतंकवाद और तुष्टिकरण की राजनीति का अंत होगा।
भाजपा महानगर उपाध्यक्ष डॉ. निधि शर्मा ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा कि अब बंगाल में ‘डबल इंजन’ की सरकार होगी, जिससे वहां की बेटियों और महिलाओं को भयमुक्त वातावरण और सम्मान मिलेगा।
इन दिग्गजों ने बढ़ाया उत्साह
इस जश्न में आगरा पेठा एसोसिएशन और विभिन्न संगठनों के प्रमुख चेहरे शामिल रहे, जिनमें विश्वनाथ जुनेजा, सोनू कक्कड़, संजय ढींगरा, महेश अग्रवाल, संजीव अग्रवाल, महावीर मंगल और डॉ. निधि शर्मा सहित भारी संख्या में महिला कार्यकर्ता और व्यापारी मौजूद रहे।

