पटना। बिहार में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा AK-47 का उपयोग किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सीवान जिले में प्रदर्शनकारी छात्रों पर एके-47 से फायरिंग करने वाले एसआईटी के पुलिसकर्मी अभिषेक पटेल को निलंबित कर दिया गया है। गौरतलब है कि फायरिंग की इस घटना में तीन छात्र गंभीर रूप से घायल हुए थे, और यह पुलिसकर्मी जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) की सुरक्षा में तैनात था। मामले की जांच जारी है।
बता दें कि लोकसभा में नेता प्रतिशत राहुल गांधी, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एके-47 से छात्रों पर गोली चलाए जाने की कड़ी निंदा की है। आज संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों पर बर्बरता एवं फायरिंग को लेकर जोरदार प्रदर्शन भी किया। राहुल गांधी ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पूछा है कि दिल्ली में छात्रों पर पैलेट गन से गोली चलाने की इजाजत किसने दी थी? इस बीच सीआरपीएफ के डीजी ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है।
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एक्स पोस्ट पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि देखिए कैसे बिहार में छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिसकर्मी AK-47 से गोली चला रहा है? संपूर्ण देश में किसी भी छात्र प्रदर्शन में पुलिस मैन्युअल Police Manual का उल्लंघन कर AK-47 से गोली चलाने का यह प्रथम मामला है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। अगर यही परिपाटी बनी तो आगे से प्रदर्शन करने वाले वकीलों पर, डॉक्टर्स पर, शिक्षकों पर, जजों पर, हक-अधिकार के लिए लड़ रहे छात्रों-युवाओं, महिलाओं और किसानों पर भी क्या बीजेपी सरकारें AK-47 से गोलियां चलवायेंगी?
कल को कोई भी पुलिसकर्मी किसी भी नेता, मंत्री, मुख्यमंत्री पर भी कभी भी कहीं भी अकारण गोली चला सकता है? क्या ऐसे मामलों में सिर्फ गोली चलाने वाला ही दोषी होगा? उस जिले के SP और उच्च अधिकारियों को अविलंब सस्पेंड करना चाहिए? गृहमंत्री की जवाबदेही तय होनी चाहिए अन्यथा प्रदेश में अराजक स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। अपराधी प्रवृति के व्यक्ति को जनता ने बिहार का मुख्यमंत्री नहीं चुना था। यह इलेक्टेड Elected नहीं सिलेक्टेड सीएम Selected CM है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआरपीएफ के डीजी ने कहा है कि घटना की जांच की जा रही है। एक तरफ जहां घायल छात्र अस्पताल में उपचाराधीन हैं, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दलों के इस तीखे तेवर से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है।
