आगरा में अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी का भंडाफोड़, क्रेटों के नीचे कट्टों में छिपाकर की जा रही थी तस्करी, पुलिस ने कैंटर से पकड़ा 51 लाख का 101 किलो गांजा

Crime

आगरा में अंतरराज्यीय मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना ट्रांस यमुना पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान शाहदरा कट के पास एक संदिग्ध कैंटर वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली, जिसमें से भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद हुआ।

तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए इस प्रतिबंधित गांजे को कैंटर के भीतर खाली प्लास्टिक क्रेटों के नीचे कट्टों में बहुत चालाकी से छिपा रखा था। पुलिस द्वारा बरामद किए गए इस 101 किलोग्राम गांजे की अनुमानित बाजार कीमत करीब 51 लाख रुपये आंकी जा रही है। इस मामले में पुलिस ने कैंटर चालक दीपक कुमार को मौके से गिरफ्तार कर लिया है, जिससे पूछताछ के बाद तस्करी से जुड़े कई अहम खुलासे हुए हैं।

चेकिंग के दौरान यूं खुला तस्करी का राज

एडीसीपी हिमांशु गौरव ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि 21 अगस्त की रात थाना ट्रांस यमुना पुलिस की टीम अपने क्षेत्र में नियमित वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान शाहदरा कट के पास एक कैंटर संदिग्ध हालत में गुजरता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने जब शक के आधार पर उस वाहन को रोककर उसकी गहन तलाशी ली, तो पहली नजर में कैंटर के अंदर केवल खाली क्रेटें ही रखी हुई नजर आईं। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने जब उन क्रेटों को हटाकर नीचे की तरफ गहराई से जांच की, तो उनके नीचे प्लास्टिक के कई भारी-भरकम कट्टे छिपे मिले। जब उन कट्टों को खोलकर देखा गया, तो उनके भीतर भारी मात्रा में अवैध गांजा भरा हुआ था।

इसके बाद पुलिस ने तुरंत पूरी खेप को अपने कब्जे में लेते हुए चालक को हिरासत में ले लिया। थाने लाकर जब इस गांजे की तौल कराई गई, तो उसका कुल वजन 101 किलोग्राम निकला, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 51 लाख रुपये आंकी गई है।

ओडिशा से आगरा और अलीगढ़ भेजी जा रही थी खेप

पकड़े गए आरोपी चालक दीपक ने पुलिस की पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे करते हुए बताया कि गांजे की यह अवैध खेप विशेष तौर पर ओडिशा राज्य से मंगाई गई थी। इसे आगरा और अलीगढ़ के विभिन्न स्थानीय ठिकानों पर सुरक्षित रूप से सप्लाई किया जाना था। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि इस तस्करी के खतरनाक काम के बदले उसे प्रत्येक चक्कर के एवज में 50 हजार रुपये की रकम मिलती थी।

अब पुलिस इस बात का गहराई से पता लगाने में जुटी है कि ओडिशा में यह गांजा असल में किस व्यक्ति से लिया गया था और आगरा व अलीगढ़ में इसे रिसीव करने वाले मुख्य तस्कर कौन-कौन लोग हैं। पूछताछ के आधार पर पुलिस इस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।

​पहले भी जेल जा चुका है गिरफ्तार आरोपी

पुलिस की शुरुआती जांच-पड़ताल में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किया गया मुख्य आरोपी दीपक कुमार कोई नया अपराधी नहीं है, बल्कि वह पहले भी गांजा तस्करी के जुर्म में जेल की हवा खा चुका है। वर्ष 2024 में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में गांजा तस्करी के एक मामले में उसकी गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके बावजूद वह अपनी आदतों से बाज नहीं आया और जमानत पर बाहर आने के बाद दोबारा इसी अवैध धंधे में सक्रिय हो गया। पुलिस अब उसके पूरे आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाल रही है। इसके साथ ही, पूछताछ में सामने आए इस गैंग के एक अन्य संदिग्ध आरोपी की तलाश में भी पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

नेटवर्क के अन्य चेहरों को बेनकाब करने में जुटी पुलिस

​101 किलोग्राम जैसी भारी मात्रा में गांजा बरामद होने के बाद ट्रांस यमुना पुलिस की तफ्तीश अब केवल एक चालक की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रह गई है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि ओडिशा से इतनी बड़ी खेप को भेजने के पीछे का मास्टरमाइंड कौन है, परिवहन और रूट की व्यवस्था कौन संभालता था और स्थानीय स्तर पर इसकी सप्लाई लेने वाले लोग कौन हैं। पुलिस को पुख्ता अंदेशा है कि इस अवैध नेटवर्क में कई और बड़े चेहरे भी शामिल हो सकते हैं। आरोपी से मिल रहे इनपुट के आधार पर पुलिस अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

​पहले भी पकड़ी जा चुकी है शराब की बड़ी खेप

​उल्लेखनीय है कि थाना ट्रांस यमुना पुलिस इससे पहले भी अंतरराज्यीय तस्करों के खिलाफ कई बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दे चुकी है। करीब दस दिन पहले ही इसी पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान एक ट्रक से तस्करी की 415 पेटियां अवैध शराब बरामद की थी। उस दौरान शराब की पेटियों को ट्रक में एक विशेष लकड़ी का गुप्त केबिन बनाकर उसके अंदर छिपाया गया था और ऊपर से पाइप लाद दिए गए थे ताकि बाहर से देखने पर वह पूरी तरह आम ट्रक लगे। वह शराब बिहार में सप्लाई के लिए ले जाई जा रही थी। बहरहाल, गांजे की इस बड़ी बरामदगी के बाद पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से मादक पदार्थों के अंतरराज्यीय तस्करों में हड़कंप मच गया है।