श्री केशव धाम वृंदावन में विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट की भागवत कथा शुरू

Religion/ Spirituality/ Culture

मथुरा: विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट, हरिद्वार द्वारा आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय अध्ययन केंद्र, केशव धाम, रुकमणी बिहार, बृंदावन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवस में परम पूज्य संत श्री चिन्मयानंद बापू जी ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा ही एकमात्र ऐसी कथा है इसके अंदर जीवित व्यक्ति के साथ साथ मरे हुए व्यक्ति को भी मुक्त करने का सामर्थ्य है। कोई भी व्यक्ति कितना भी पाप किया हो, जीवन भर कितने भी गलत कार्यों में लिप्त रहा हो, ऐसे व्यक्ति की मृत्यु के पश्चात यदि उसके नाम से श्रीमद्भागवत कथा कर दी जाए तो वह भी मुक्त हो जाता है।

श्री बापू जी ने कहा कि भागवत कथा के अंदर गोकर्ण धुंधकारी संवाद में हमें यही बताया गया कि जीवन भर धुंधकारी ने पाप किया और बाद में गोकर्ण ऋषि ने उनके नाम से श्रीमद् भागवत कथा का गान किया और वह मुक्त हुए।

बापूजी ने कहा कि जहां पर भागवत कथा होती है वहां पर उस समय सारे तीर्थ, सारी नदियां, सारे देवता विचरण करते हैं। श्रीमद् भागवत कथा कल्पतरू की तरह है जिसकी शरण में बैठने पर हमारी सारी मनोकामनाएं भागवत कथा पूर्ण करती है।

बापूजी ने कहा कि भागवत कथा में जो व्यक्ति जिस मंशा के साथ बैठता है, उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं लेकिन व्यक्ति की भावना पवित्र हो और संसार के मंगल की कामना उसके मन में हो। ऐसे व्यक्ति की मनोकामना भागवत कथा से पूर्ण होती है।

बापूजी ने कहा कि भागवत कथा में ऐसा सामर्थ्य है कि भक्ति मैया के दोनों पुत्र ज्ञान वैराग्य वृंदावन की भूमि पर वृद्ध हो गए थे लेकिन जब श्रीमद् भागवत कथा का ज्ञान नारद जी ने सनकादिक ऋषियों से कराया तो वृंदावन की धरा पर जो ज्ञान वैराग्य वृद्ध हो गए थे वह भी चेतन अवस्था में आकर नृत्य गान करने लगे और उनके साथ भक्ति मैया भी नृत्य करने लगीं।

बापूजी ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण का बांगमय स्वरूप श्रीमद् भागवत कथा है।

कथा के शुभारंभ में वृंदावन की धरा के सुप्रसिद्ध संत श्री अनुराग कृष्ण शास्त्री जी एवं श्री संजीव कृष्ण ठाकुर जी उपस्थित हुए और उन्होंने भी अपना आशीर्वचन दूर-दूर से पधारे सभी भक्तों को दिया। बाद में विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष श्री मुरारी लाल जी गोयल श्रीमती सुमन जी गोयल द्वारा सभी का सम्मान किया गया और पधारे हुए सभी भक्तों का आभार व्यक्त किया गया। कथा के प्रथम दिन ही पूरा प्रांगण श्रोताओं से खचाखच भर गया।

-up18news

Leave a Reply

Your email address will not be published.