आगरा, 19 मई। द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की आगरा शाखा की छात्र इकाई ‘सिकासा’ (CICASA) के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय विशेष “औरा एआई (Aura AI) कार्यशाला” का सोमवार को संजय प्लेस स्थित सीए भवन पर भव्य समापन किया गया। इस तकनीकी व व्यावहारिक ज्ञान पर आधारित कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ सिकासा के अध्यक्ष व आगरा शाखा के कोषाध्यक्ष सीए अंकित मित्तल, उपाध्यक्ष सीए आयुष गोयल, मुख्य वक्ता सीए अभिलाष अग्रवाल और सीए रूपल गर्ग ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया।
अकाउंटिंग और ऑडिट को समयबद्ध व प्रभावी बनाएंगे एआई टूल्स: सीए रूपल गर्ग
कार्यशाला के मुख्य सत्र को संबोधित करते हुए प्रख्यात वक्ता सीए रूपल गर्ग ने आधुनिक वित्तीय परिदृश्य में तकनीक की अहमियत को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से पारंपरिक अकाउंटिंग, जटिल ऑडिटिंग, डेटा एनालिसिस और अन्य रूटीन प्रोफेशनल कार्यों को पहले से कहीं अधिक प्रभावी, त्रुटिहीन और समयबद्ध बनाया जा सकता है।
उन्होंने युवा छात्र-छात्राओं का आह्वान करते हुए कहा कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए विद्यार्थियों को वैश्विक तकनीकी परिवर्तनों के साथ खुद को लगातार अपडेट रखने की सख्त जरूरत है। अब एक चार्टर्ड अकाउंटेंट का दायित्व केवल बही-खातों और हिसाब-किताब तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि वह बिजनेस स्ट्रेटेजी, फाइनेंशियल प्लानिंग और कॉर्पोरेट रिस्क मैनेजमेंट (जोखिम प्रबंधन) में भी मुख्य रणनीतिकार की भूमिका निभा रहा है।
तकनीक और मानवीय विशेषज्ञता का संतुलन ही सफलता की कुंजी: सीए अभिलाष अग्रवाल
अगले सत्र में अपनी बात रखते हुए विशिष्ट वक्ता सीए अभिलाष अग्रवाल ने कहा कि आने वाले डिजिटल युग में तकनीक और मानवीय विशेषज्ञता का सटीक संतुलन ही एक सफल सीए की वास्तविक पहचान बनेगा। उन्होंने दोटूक कहा कि जो प्रोफेशनल्स समय रहते एआई की कार्यप्रणाली को अपनाएंगे, वही भविष्य के बाजार में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी और कामयाब साबित होंगे।
एआई आधारित आधुनिक टूल्स महज कुछ ही सेकंड्स में लाखों-करोड़ों वित्तीय ट्रांजैक्शन्स का बारीकी से विश्लेषण करके संदिग्ध गतिविधियों और संभावित वित्तीय धोखाधड़ी (फ्रॉड) को तेजी से पकड़ सकते हैं। इससे अब पूरी कॉर्पोरेट ऑडिट प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और प्रभावी बनती जा रही है।
विद्यार्थियों को बांटे गए प्रमाण-पत्र
सिकासा के अध्यक्ष सीए अंकित मित्तल ने दो दिवसीय कार्यशाला की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि इस विशेष वर्कशॉप के दौरान छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं आधुनिक एआई टूल्स के व्यावहारिक व लाइव उपयोग की ट्रेनिंग दी गई। इसके साथ ही चार्टर्ड अकाउंटेंसी प्रोफेशन में एआई के आगमन से होने वाले क्रांतिकारी बदलावों और भविष्य की असीम संभावनाओं को विस्तार से समझाया गया। कार्यशाला के समापन के अवसर पर मुख्य अतिथियों द्वारा उपस्थित सभी सीए विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र (सर्टिफिकेट) भी प्रदान किए गए।
कार्यशाला में इन सीए छात्र-छात्राओं ने लिया भाग
इस दो दिवसीय ज्ञानवर्धक एआई कार्यशाला में आगरा के भारी संख्या में सीए स्टूडेंट्स ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें मुख्य रूप से आइना गुप्ता, अभय सोनी, अभिषेक अग्रवाल, अनिरुद्ध चतुर्वेदी, अंश गुप्ता, आर्यन गुप्ता, दक्ष अग्रवाल, देव मित्तल, देवांशी मित्तल, गीतांशी अग्रवाल, इशिका दुबे, कार्तिक सिंघल, खुशी शाक्य, मुस्कान सिंघल, नमन वात्यानी, नियति अग्रवाल, पीहू अग्रवाल, प्रांजलि बंसल, प्रशस्ति जैन, प्रियल गुप्ता, प्रियंशी गुप्ता, प्रियंशु वर्मा, ऋषभ वर्मा, संजना, सयुशी जैन, शांतनु पाठक, श्रेया अग्रवाल, स्नेहा राजपाल, सृष्टि गर्ग, तनिष्क अग्रवाल, तन्वी गर्ग, तोषित जैन, वैभव गोयल एवं ज़ाहा खान सहित कई अन्य होनहार सीए छात्र-छात्राएं शामिल रहे।


