आगरा। पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के उपलक्ष्य में ताजनगरी आगरा इस समय पूरी तरह से भक्ति, संकीर्तन और आध्यात्मिकता के रंग में रंगी हुई है। शहर के प्राचीन मंदिरों से लेकर भव्य कथा पंडालों तक, हर ओर प्रभु भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर भक्तिमय हुआ कथा पंडाल
सूर्य नगर स्थित समाधि पार्क मंदिर में इस्कॉन आगरा और राधा सखी ग्रुप द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का पांचवां दिन बेहद यादगार रहा। कथा व्यास सार्वभौम प्रभु ने बलि महाराज के चरित्र, सूर्य-चंद्र वंश और भगवान श्रीकृष्ण की जन्म लीलाओं का मनोहारी वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा जीव को समर्पण और निष्कपट प्रेम का मार्ग दिखाती है। जैसे ही श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग आया, पूरा पंडाल “हरे कृष्ण हरे कृष्ण” के महामंत्र और जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच ठाकुरजी का अभिषेक किया गया और भक्तों पर पुष्पवर्षा कर माखन-मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर महापौर हेमलता दिवाकर, एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ और डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल सहित तमाम गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
प्रेमनिधि मंदिर में ‘सखी वेश’ के अलौकिक दर्शन
उधर, नाई की मंडी स्थित प्राचीन श्री प्रेमनिधि मंदिर में पुरुषोत्तम मनोरथ उत्सव के अंतर्गत बुधवार को ‘सखी वेश उत्सव’ का भव्य आयोजन हुआ। पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुसार, ठाकुर श्री श्याम बिहारी (श्री बड़े गोविन्द) जी महाराज को सखी के अलौकिक स्वरूप में श्रृंगारित किया गया।
मुख्य सेवायत हरी मोहन गोस्वामी ने बताया कि ‘सखी वेश’ या ‘स्वामिनी भाव’ प्रेमाभक्ति का सर्वोच्च शिखर है, जहाँ भक्त स्वयं को ठाकुरजी की अंतरंग सखी मानकर सेवा अर्पित करता है। मंदिर परिसर की पुष्प सज्जा और संकीर्तन ने भक्तों को ब्रजधाम की साक्षात अनुभूति कराई। इस सेवा में स्वास्तिक हैंडराइटिंग वेलफेयर ट्रस्ट के सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
आने वाले आयोजन
राधा सखी ग्रुप की संस्थापिका अशु मित्तल ने बताया कि कथा महोत्सव के आगामी दिनों में गोवर्धन लीला, रास पंचाध्याय और रुक्मिणी विवाह जैसे भावपूर्ण प्रसंगों का आयोजन किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा का केंद्र बनेंगे।


