भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज केएल राहुल आईपीएल में चोटिल हो गए थे और इसी कारण वह आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल से बाहर हो गए हैं.
बता दें इशान किशन को 48 फर्स्ट क्लास मैचों का अनुभव है और इसमें उनके बल्ले से 2985 रन निकले हैं. वो 6 शतक और 16 अर्धशतक लगा चुके हैं.
इशान किशन को क्यों टेस्ट के वर्ल्ड कप फाइनल के लिए चुना गया
इससे पहले राहुल इस मैच में बतौर विकेटकीपर खेलते हुए दिखाई दे सकते थे क्योंकि टीम के नियमित विकेटकीपर ऋषभ पंत चोटिल हैं और केएस भरत अपनी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग से प्रभावित नहीं कर पाए हैं. ऐसे में राहुल को फाइनल में विकेटकीपर के तौर पर खिलाया जा सकता था.
इशान किशन विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं
इशान किशन के सेलेक्शन की सबसे बड़ी वजह ही ये है कि वो विकेटकीपर और बल्लेबाज हैं. केएल राहुल के चोटिल होने के बाद टीम इंडिया के पास सिर्फ श्रीकर भरत विकेटकीपर थे. ऐसे में माना जा रहा था कि केएल राहुल की जगह किसी विकेटकीपर-बल्लेबाज का चयन ही होगा. यही वजह है कि इशान किशन को मौका मिला. किशन पिछले कुछ वक्त से वनडे और टी20 टीम से जुड़े हुए हैं और ऐसे में वो टीम की सोच से भी वाकिफ हैं. यही वजह है कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए उन्हें तरजीह दी गई.
इशान की बल्लेबाजी है X फैक्टर
इशान किशन के सेलेक्शन की दूसरी बड़ी वजह उनकी बल्लेबाजी है. किशन का बैटिंग स्टाइल बिल्कुल ऋषभ पंत की तरह है. वो पंत की तरह ताबड़तोड़ अंदाज में रन बनाने के लिए जाने जाते हैं. उनकी ये खूबी टीम इंडिया के काम आ सकती है. आपको बता दें फर्स्ट क्लास क्रिकेट में इशान किशन ने दिल्ली के खिलाफ 336 गेंदों में 273 रन ठोक दिए थे जिसमें उनके बल्ले से 14 छक्के निकले थे. ये आंकड़ा इशान के टैलेंट को साबित करता है.
मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी का अनुभव
इशान किशन के हक में एक और बात गई है कि वो फर्स्ट क्लास क्रिकेट में मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करते हैं. इशान किशन भले ही वनडे और टी20 फॉर्मेट में ओपनर हों लेकिन झारखंड के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में वो नंबर 5 या 6 पर बल्लेबाजी करते हैं. टीम इंडिया के पास शुभमन गिल और रोहित शर्मा के तौर पर ओपनर मौजूद हैं. अगर इशान किशन को मौका मिला तो वो 5 या 6 नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते हैं. लेकिन सवाल ये है कि क्या टीम इंडिया इशान किशन को श्रीकर भरत पर तरजीह देगी?
Compiled: up18 News