​यूपी के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: लगातार सातवें साल नहीं बढ़ेंगी बिजली की दरें, नियामक आयोग का बड़ा फैसला

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरों में कोई भी बढ़ोतरी न करने का निर्णय लिया है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश लगातार सातवें वर्ष बिजली दरें स्थिर रखने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

उपभोक्ता परिषद का संघर्ष लाया रंग

उत्तर प्रदेश राज्य उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे उपभोक्ताओं की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए खुशी जाहिर करते हुए कहा कि परिषद का संघर्ष रंग लाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्युत निगम ‘चोर दरवाजे’ से बिजली की दरों में वृद्धि करना चाहता था, लेकिन विद्युत नियामक आयोग के स्पष्ट ऐलान ने निगम की इन कोशिशों पर रोक लगा दी है।

​ई-चार्जिंग पर मिलेगी छूट

बिजली दरों को स्थिर रखने के साथ-साथ, आयोग ने ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) चार्जिंग को बढ़ावा देने के लिए भी एक नई योजना का खाका तैयार किया है। अवधेश कुमार वर्मा ने जानकारी दी कि अब चार्जिंग स्टेशनों पर दिन के समय ई-रिक्शा या अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग करने पर उपभोक्ताओं को 20 फीसदी की विशेष छूट दी जाएगी। यह रियायत केवल दिन के समय प्रभावी रहेगी। साथ ही, नोएडा पावर कंपनी (NPCL) के उपभोक्ताओं के लिए पहले से लागू 10 फीसदी की छूट जारी रहेगी।

सरचार्ज विवाद पर ऊर्जा मंत्री की सख्ती

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में बिजली बिलों पर सरचार्ज लगाने को लेकर राज्य में काफी विवाद हुआ था। विद्युत निगम द्वारा उपभोक्ताओं पर सरचार्ज का अतिरिक्त बोझ डालने की कोशिश की गई थी, जिसे बाद में भारी विरोध और दबाव के चलते हटा लिया गया।

​इस पूरे घटनाक्रम में उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद शर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए यूपी पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के चेयरमैन को कड़ा पत्र लिखा था। ऊर्जा मंत्री ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई थी कि बिना उनकी जानकारी और परामर्श के सरचार्ज का ऐलान कैसे किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया था कि उन्हें इस फैसले की जानकारी विभागीय स्तर के बजाय खबरों के माध्यम से मिली थी, जिसके बाद सरचार्ज को वापस लेने का निर्णय लिया गया था।

​नियामक आयोग के इस ताजा फैसले के बाद अब राज्य में बिजली दरों को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो गई है, जिससे उपभोक्ताओं में राहत का माहौल है।