26 साल से नहीं हैं विज्ञान के नियमित शिक्षक, आजमगढ़ में बेलगाम शुल्क वसूली के विरोध में Gen-Alpha ने स्कूल के सामने किया प्रर्दशन

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आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में स्थित स्मिथ इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं का सब्र मंगलवार को आखिरकार जवाब दे गया और स्कूल में लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की भारी कमी को लेकर उनका गुस्सा सड़क पर खुलकर नजर आया। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने स्कूल के मुख्य द्वार के सामने इकट्ठा होकर करीब दो घंटे तक जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और विद्यालय में तुरंत नियमित शिक्षकों की नियुक्ति किए जाने की पुरजोर मांग की।

प्रदर्शनकारी छात्रों का साफ तौर पर कहना है कि कॉलेज में विषयवार शिक्षक न होने के कारण उनकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे उनके भविष्य को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

​26 सालों से गायब हैं विज्ञान के नियमित शिक्षक

​छात्रों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस विद्यालय में भौतिक विज्ञान (Physics) और रसायन विज्ञान (Chemistry) जैसे महत्वपूर्ण विषयों के नियमित शिक्षक पिछले करीब 26 वर्षों से नियुक्त ही नहीं किए गए हैं। इसके अलावा गणित विषय के शिक्षकों की भी भारी कमी स्कूल में लगातार बनी हुई है।

विद्यार्थियों का यह भी गंभीर आरोप है कि उनकी पढ़ाई सुचारू रूप से चलाने के नाम पर निजी शिक्षकों की व्यवस्था के बहाने प्रत्येक छात्र से 50-50 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है।

अतिरिक्त फीस का बोझ उठाना गरीब परिवारों के लिए मुश्किल

​सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने मीडिया को बताया कि इस स्कूल में पढ़ने वाले अधिकांश विद्यार्थी बहुत ही गरीब और साधारण परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। ऐसे हालात में स्कूल के अलावा अलग से ट्यूशन या फीस देकर अपनी पढ़ाई जारी रखना उनके परिवारों के लिए कतई संभव नहीं है। उन्होंने कड़े शब्दों में मांग की कि विद्यालय प्रशासन तुरंत प्रभाव से नियमित शिक्षकों की स्थाई तैनाती करे और शिक्षण व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त करे।

छात्रों ने चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि यदि उनकी इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द नहीं किया गया, तो वे भविष्य में इससे भी बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

छात्रों के इस अचानक और उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे तथा पूरे मामले की गंभीरता से जानकारी ली।

Gen-Alpha का अनोखा विरोध और अन्य खामियां

बताया जा रहा है कि बेलगाम और मनमानी शुल्क वसूली के कड़े विरोध में ‘जेन-अल्फा’ (Gen-Alpha) पीढ़ी के इन विद्यार्थियों ने अपनी कक्षाओं का बहिष्कार यानी स्कूल बंक करके सीधे संस्थान के बाहर ही मोर्चा खोल दिया और स्ट्राइक शुरू कर दी। छात्रों का कहना है कि पढ़ाई की बदहाली के अलावा विद्यालय में और भी कई प्रकार की आंतरिक खामियां व अव्यवस्थाएं हैं, जिन्हें तुरंत सुधारा जाना चाहिए।