आगरा में भक्ति का अनूठा संगम: महाराजा अग्रसेन भवन में शिव-कृष्ण की महिमा, 251 जोड़ों ने किया लड्डू गोपाल का पूजन

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​आगरा। लोहामंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में आयोजित ‘श्री शिव महापुराण कथा’ का पांचवां दिन भक्ति के अद्भुत रंगों से सराबोर रहा। गुरुवार का दिन शिव भक्ति और कृष्ण प्रेम के संगम का गवाह बना, जहाँ एक ओर गोपाल सहस्त्रनाम और तुलसी अर्चन की दिव्यता थी, तो दूसरी ओर गणेश-कार्तिकेय जन्मोत्सव का पावन उल्लास।

​251 जोड़ों ने किया लड्डू गोपाल का दिव्य पूजन

प्रातःकाल का दृश्य ऐसा था मानो वृंदावन की पावन धरा आगरा में उतर आई हो। 251 श्रद्धालु अपने घरों से सुसज्जित लड्डू गोपाल के विग्रह लेकर पहुँचे। आचार्य विष्णु कांत शास्त्री और मृदुल कांत शास्त्री के मार्गदर्शन में 11 ब्राह्मणों के सानिध्य में भव्य पूजन संपन्न हुआ। फूलों और आभूषणों से सजे बाल गोपाल के स्वरूपों ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्य यजमान छोटेलाल बंसल एवं कांता बंसल ने विधिवत पूजन कर धर्म लाभ उठाया।

​ज्ञान और शौर्य का संदेश

सायंकाल कथा व्यास मृदुल कांत शास्त्री ने भगवान कार्तिकेय और गणेश जन्मोत्सव के प्रसंगों का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा, “भगवान गणेश जहाँ बुद्धि, विवेक और मंगल के प्रतीक हैं, वहीं भगवान कार्तिकेय साहस, शौर्य और धर्म रक्षा के देवता हैं। गणेश जी की प्रथम पूजा हमें सिखाती है कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत विनम्रता और मंगल भावना से होनी चाहिए।”

भक्ति में डूबी ताजनगरी

शिव परिवार संस्था के अखिल मोहन मित्तल ने बताया कि पुरुषोत्तम मास के विशेष उपलक्ष्य में आयोजित इस कथा में पूरे वर्ष के धार्मिक उत्सवों का सार समाहित किया गया है। गणेश और कार्तिकेय की मनमोहक झांकियों के बीच हुए भजनों और मंगल गीतों ने श्रद्धालुओं को देर रात तक भक्ति रस में डुबोए रखा।

इस पावन आयोजन को सफल बनाने में प्रशांत मित्तल, जितेंद्र गोयल, गौरव मित्तल, सुनील गोयल, राकेश अग्रवाल, अंजना अग्रवाल, सीमा गोयल, नीरज अग्रवाल सहित संस्था के अनेक सदस्यों और सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।