आगरा के सर्राफा बाजार में ‘टैक्स’ का भूचाल: नगर निगम की नई नीति के खिलाफ व्यापारियों ने खोला मोर्चा

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आगरा: ताजनगरी का चांदी-सोना व्यापार अब टैक्स की जंग के मुहाने पर खड़ा है। नगर निगम की नई ट्रेड टैक्स नीति के खिलाफ शहर के सर्राफा व्यापारियों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। एमजी रोड स्थित होटल मोती प्लाजा में आयोजित एक आपात बैठक में व्यापारियों ने साफ कर दिया कि टर्नओवर के आधार पर थोपा गया ‘भेदभावपूर्ण’ टैक्स उन्हें मंजूर नहीं है। यदि प्रशासन ने यह फैसला वापस नहीं लिया, तो पूरा सर्राफा बाजार सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगा।

टैक्स की दोहरी नीति पर गहरा रोष

​बैठक में मौजूद विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। व्यापारियों का कहना है कि जहां अन्य व्यवसायों के लिए ट्रेड टैक्स की दरें फिक्स की गई हैं, वहीं सर्राफा कारोबारियों पर 4,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक का भारी-भरकम टर्नओवर आधारित टैक्स थोप दिया गया है। व्यापारियों ने इसे ‘टारगेटेड टैक्सेशन’ करार देते हुए कहा कि इससे छोटे और मध्यम वर्ग के ज्वेलर्स का व्यापार पूरी तरह चौपट हो जाएगा।

‘पुराने कानूनों से आज का व्यापार नहीं चलेगा’

आगरा सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने तकनीकी पहलुओं पर प्रहार करते हुए कहा कि नगर निगम 1997 के पुराने नियमों का हवाला देकर आज की बढ़ी हुई दरें लागू कर रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि जिस समय ये नियम बने थे, तब जीएसटी (GST) जैसी आधुनिक कर प्रणाली का अस्तित्व ही नहीं था। आज के बदले हुए आर्थिक ढांचे में पुराने और सड़ चुके नियमों के आधार पर नया टैक्स वसूलना पूरी तरह अतार्किक और व्यापार विरोधी है।

​एकजुट हुआ सर्राफा जगत, आंदोलन की तैयारी

सर्राफा संगठनों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया है कि वे जल्द ही नगर निगम प्रशासन के सामने अपनी बात रखेंगे। यदि सकारात्मक समाधान नहीं निकला, तो शहर के सभी सर्राफा बाजार एकजुट होकर शटर गिराएंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे। व्यापारियों की मांग है कि पूरे शहर के लिए एक समान और न्यायपूर्ण कर प्रणाली लागू की जाए, न कि किसी विशेष वर्ग को निशाना बनाया जाए।

​बैठक में ये दिग्गज रहे मौजूद

​इस महत्वपूर्ण बैठक में आगरा सर्राफा एसोसिएशन के महामंत्री अशोक अग्रवाल, स्वर्णकार व्यवसायिक समिति के अध्यक्ष धीरज वर्मा, श्री सर्राफा कमेटी के देवेंद्र गोयल, राष्ट्रीय स्वर्णकार व्यवसायी संगठन के आलोक वर्मा और एमजी रोड ज्वेलर्स एसोसिएशन के मधुकर कक्कड़ सहित अरविंद सहगल, के.के. त्यागी, उमेश कुमार वर्मा और मयंक वर्मा जैसे दर्जनों प्रमुख व्यापारी नेता शामिल रहे।