आगरा: ताजनगरी के मारुति एंक्लेव एक्सटेंशन, अलबतिया में सोमवार को ‘जय श्री राम’ के जयघोष के साथ भव्य रामोत्सव का आयोजन किया गया। विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल (पश्चिम महानगर, बृज प्रांत) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भक्ति, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिला। सुबह हवन-पूजन के साथ शुरू हुआ यह आध्यात्मिक अनुष्ठान शाम को राम जन्मोत्सव, गौ-पूजन और तुलसी-वंदन के साथ संपन्न हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को राममय कर दिया।
हवन से प्रकृति संरक्षण का संदेश
उत्सव का शुभारंभ सुबह एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान के साथ हुआ। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को याद करते हुए 11 दंपतियों ने संयुक्त रूप से हवन कुंड में आहुतियां दीं। इस दौरान केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं हुआ, बल्कि सभी उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से प्रकृति संरक्षण का संकल्प भी लिया, जो आयोजन को सामाजिक चेतना से जोड़ता नजर आया।
श्रीराम का चरित्र: विश्व गुरु बनने का मार्ग
शाम के सत्र में आयोजित मुख्य गोष्ठी का शुभारंभ क्षेत्रीय संगठन मंत्री मुकेश विनायक राव खांडेकर, संत श्री कृष्ण गिरी जी महाराज, योगी जहाज नाथ और प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण जैन ने दीप प्रज्वलन कर किया।
मुख्य वक्ता मुकेश विनायक राव खांडेकर ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा, “प्रभु श्रीराम अपने जन्म से नहीं, बल्कि अपने त्याग, अनुशासन और धर्मनिष्ठ जीवन पथ के कारण ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ कहलाए। यदि आज का समाज उनके बताए रास्ते पर चले, तो भारत को पुनः विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।” वहीं, संत कृष्ण गिरी जी महाराज ने श्रीराम और श्रीकृष्ण के चरित्र की व्याख्या करते हुए उन्हें सनातन संस्कृति का सर्वोच्च आदर्श बताया।
नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने की पहल
प्रांत संगठन मंत्री राजेश कुमार ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और समृद्ध भारतीय संस्कृति से अवगत कराना है। कार्यक्रम के अंत में उपाध्यक्ष रवि त्रिलोकानी ने सभी संतजनों और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। शाम को हुए गौ-पूजन और तुलसी-पूजन ने सनातनी परंपराओं के प्रति जनमानस की आस्था को और प्रगाढ़ किया।
दिग्गजों की गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य रामोत्सव में विभाग संगठन मंत्री सुशील कुमार, पार्षद मीनाक्षी वर्मा, समाजसेवी जितेंद्र त्रिलोकानी, सुनील पाराशर, राकेश त्यागी, कन्हैया लाल त्रिलोकानी, राजीव शर्मा, और अनुराग उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और रामभक्त मौजूद रहे। पूरे अलबतिया क्षेत्र में भगवा ध्वजों और भजनों की गूँज ने उत्सव को यादगार बना दिया।

