वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय पर यूपी में तीसरी FIR दर्ज, गोरखपुर की घटना से जुड़ा है मामला

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज यह तीसरी FIR है। मामला गोरखपुर में पशु तस्करों के हाथों 19 वर्षीय युवक दीपक गुप्ता की मौत की रिपोर्टिंग से जुड़ा है। क्या है पूरा मामला? गोरखपुर के निवासी दीपक गुप्ता […]

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महाराजा संपादक: जब बंद हो जाए चौपाल और लगने लगे दरबार…फिर किसके लिए हैं अखबार?

जब लोकतंत्र का प्रहरी—संपादक—जनता से संवाद बंद कर दे और सत्ता का दरबारी बन जाए, तब पत्रकारिता दम तोड़ने लगती है। आज बड़े संपादक आम आदमी से कट चुके हैं, गाँव-कस्बों की आवाज़ें अखबारों में गुम हैं। संवाद की जगह प्रचार ने ले ली है। सत्ता और पूँजी के एजेंडे चलाए जा रहे हैं। अब […]

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बिना स्वतंत्र मीडिया के स्वस्थ लोकतंत्र को सुनिश्चित कर पाना संभव नहीं

राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते राजनेताओं और मीडिया घरानों के बीच सांठगांठ के परिणामस्वरूप अक्सर पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग होती है और असहमति की आवाज़ों का दमन होता है। धमकियाँ और हमले: पत्रकारों को शारीरिक हिंसा, उत्पीड़न और धमकी का सामना करना पड़ता है, खासकर जब वे भ्रष्टाचार, मानवाधिकार उल्लंघन या सांप्रदायिक तनाव जैसे संवेदनशील मुद्दों को कवर […]

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पत्रकारिता के भेष में घूम रहे दलाल, दलाली से हो रहे मालामाल

शराब की दुकानों से करते हैं दिनभर अबैध वसूली फर्जी ट्वीट करके शराब बेच रहे सेल्समैनों से करते हैं सौदेबाजी ट्वीट को डिलीट की बोलकर कर लेते हैं ठगी बीच में कम हो गया था इन तथाकथित पत्रकारो का आतंक, लेकिन फिर से बढ़ गया आबकारी अधिकारी क्यों नहीं करते इन तथाकथित पत्रकारों पर कार्यवाही, […]

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