आगरा। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने शनिवार को आगरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से जुड़े कानूनी पहलुओं पर एक उच्च-स्तरीय मैराथन बैठक की। पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) सुरेन्द्र गुप्ता एडवोकेट के आवास पर लगभग छह घंटे तक चली इस विस्तृत समीक्षा बैठक में मुकदमे के शीघ्र निस्तारण और भावी न्यायिक रणनीतियों पर गंभीरता से विचार किया गया।
कानूनी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा
इस महत्वपूर्ण बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता भक्तिवर्धन और वरुण माहेश्वरी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सुरेन्द्र गुप्ता एडवोकेट ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लंबित मुकदमे की वर्तमान स्थिति और अब तक की प्रगति का पूरा ब्यौरा आलोक कुमार के समक्ष रखा। चर्चा का मुख्य केंद्र वाद संख्या 17/2023 रहा, जिसे उच्च न्यायालय ने 18 जुलाई 2025 के आदेश के माध्यम से संपूर्ण हिंदू समाज की ओर से ‘प्रतिनिधित्व वाद’ के रूप में स्वीकार किया है।
‘काशी से पहले श्रीकृष्ण जन्मभूमि का निस्तारण संभव’
आलोक कुमार ने बैठक में विश्वास जताते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर मामले की तुलना में श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण का निस्तारण पहले होना संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय में विचाराधीन 19 वादों में से केवल वाद संख्या 17/2023 को ही ‘प्रतिनिधित्व वाद’ का दर्जा मिला है, जो इस मुकदमे की अहमियत को दर्शाता है।
सुन्नी वक्फ बोर्ड को पक्षकार बनाने की प्रक्रिया
सुरेन्द्र गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि वक्फ अधिनियम की धारा 89 के तहत सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को नोटिस तामील कराया जा चुका है, किंतु बोर्ड की ओर से अब तक कोई प्रत्युत्तर नहीं मिला है। आगामी न्यायिक प्रक्रिया में अब सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को औपचारिक रूप से इस वाद में पक्षकार बनाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
आलोक कुमार के मुख्य निर्देश:
प्रभावी पैरवी: सुरेन्द्र गुप्ता एडवोकेट से अपेक्षा की गई कि वे हर सुनवाई पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में उपस्थित होकर हिंदू पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी जारी रखें।
समन्वय: सर्वोच्च न्यायालय में लंबित अपील के त्वरित निस्तारण हेतु अधिवक्ता भक्तिवर्धन को वरिष्ठ अधिवक्ता योगेश्वरन के साथ समन्वय कर कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
दस्तावेजीकरण: अधिवक्ता वरुण माहेश्वरी और गोकुलेश गौतम को निर्देशित किया गया कि वे मुकदमे से जुड़े सभी आवश्यक अभिलेखों को शीघ्र एकत्रित करें।
बैठक के समापन पर आलोक कुमार ने कहा कि विहिप इस पूरे प्रकरण पर बारीकी से नजर बनाए हुए है और संगठन की ओर से हरसंभव कानूनी सलाह और सहयोग प्रदान किया जाता रहेगा। उन्होंने समाज के लोगों से इस संवेदनशील मुद्दे पर भावनात्मक समर्थन बनाए रखने का आग्रह किया।


