मथुरा: श्रीकृष्‍ण जन्मभूमि पर कालीघटा में श्री केशवदेवजी महाराज ने दिए दर्शन

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श्रीकेशवदेव मंदिर के अन्दर सजी कालीघटा की मनोहारी झाँकी ने भक्तों का मन-मोहा, तथा जन्मस्थान प्रांगण का माहौल उत्साहजनक बना दिया। सुप्रसिद्ध कालीघटा के मध्य विराजे ठाकुर श्री केशवदेवजी महाराज के श्रीविग्रह की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु-भक्त आतुर दिखाई दिये।

श्रीकृष्‍ण-जन्मभूमि की इस सुप्रसिद्ध कालीघटा के आयोजन में श्रीकेशवदेव मंदिर के संपूर्ण परिसर को श्‍याम वस्त्र, लता-पता, पुष्‍प एवं प्राकृतिक वृक्षावली से अच्छादित किया गया था। इस वर्ष कालीघटा के निर्माण में अधिकतम प्राकृतिक वस्तुओं का प्रयोग किया गया।  श्रीकेशवदेव मंदिर एवं प्रवेशद्वार पर भव्य सज्जा कर कालीघटा के दृश्‍य का निर्माण किया गया।  चित्ताकर्षक कालीघटा के चलते भक्तों ने अपलक ठाकुर श्रीकेशवदेव जी महाराज को निहारकर अपने आपको धन्य किया। श्रीकृष्‍ण-जन्मस्थान की सुप्रसिद्ध कालीघटा को देखने के लिए भक्तों की कतारें जन्मस्थान परिसर में एवं प्रवेश द्वारों पर देखी गयीं। यह सिलसिला सायं 4 बजे से प्रारंभ होकर  रात्रि में मंदिर के पट बंद होने तक अनवरत चलता रहा।

सुप्रसिद्ध कालीघटा के श्रीकृष्‍ण-जन्मस्थान परिसर में विराजमान श्रीकेशवदेव मंदिर में प्रवेश करते ही चमकती-कड़कती बिजली, घरजते-बरसते मेघ, उपवन में नृत्य करते मोर की आवाज, चहचहाते पक्षियों के मध्य उपवन की सज्जा में विराजे ठाकुर श्रीकेशवदेव जी के मनोहारी दर्शन कर स्थानीय भक्तों के साथ-साथ देश-विदेश से पधारने वाले श्रद्धालुओं ने भी अक्षुण्ण पुण्य लाभ प्राप्त किया।

इस अवसर पर श्रीकृष्‍ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव श्री कपिल शर्मा, सदस्य श्री गोपेश्‍वरनाथ चतुर्वेदी, सं. मुख्य अधिषाशी श्री राजीव श्रीवास्तव, उप मुख्य अधिषाषी श्री अनुराग पाठक आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

-एजेंसी

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