नोएडा/आगरा। आगरा की गैस उपभोक्ता औद्योगिक इकाइयों के सामने खड़ी गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को नोएडा स्थित गेल (GAIL) गैस लिमिटेड के मुख्यालय पहुँचा। चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल के नेतृत्व में गए इस प्रतिनिधिमंडल ने गेल के सीईओ आशु सिंघल, सीजीएम जफर खान और सीएफओ अमित झलानी के सामने उद्योगों को पेश आ रही गैस बिलिंग, ओवरड्रॉल और डीसीक्यू कटौती जैसी चुनौतियों का मामला प्रमुखता से रखा।
क्या थी समस्या?
चैम्बर अध्यक्ष मनोज बंसल ने बताया कि सितंबर 2025 से मार्च 2026 तक की गैस खपत को आधार बनाकर गेल गैस प्रबंधन द्वारा की जा रही कटौती से उद्यमियों को आर्थिक रूप से बड़ा झटका लग रहा था। इस नई पद्धति के कारण न केवल उत्पादन प्रभावित हो रहा था, बल्कि भारी-भरकम ‘ओवरड्रॉल बिल’ भी उद्यमियों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे थे।
बोर्ड बैठक में होगा बड़ा बदलाव
बैठक के दौरान गेल गैस के सीईओ आशु सिंघल ने उद्यमियों की पीड़ा समझते हुए एक बड़ा आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि आगामी 29 जून 2026 को होने वाली बोर्ड बैठक में डीसीक्यू (कॉन्ट्रेक्टेड मात्रा) के संबंध में एक संशोधित प्रस्ताव रखा जाएगा। नई योजना के तहत, गैस की कटौती अब पिछले छह महीनों की औसत खपत के आधार पर न होकर, अनुबंधित मात्रा (Contracted Quantity) के केवल 20 से 25 प्रतिशत तक ही सीमित रहेगी। इससे ओवरड्रॉल के नाम पर उद्योगों पर पड़ने वाला वित्तीय दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।
आगरा में होगी विशेष उच्च-स्तरीय बैठक
गेल गैस प्रकोष्ठ के चेयरमैन विवेक जैन ने बताया कि सीएफओ अमित झलानी के साथ हुई चर्चा के बाद यह तय हुआ है कि अगले माह आगरा में एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें गेल के सीईओ और वरिष्ठ अधिकारी खुद मौजूद रहेंगे, जहाँ एलसी (Letter of Credit), बिलिंग और वित्तीय प्रक्रियाओं से जुड़ी सभी लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में चैम्बर अध्यक्ष मनोज बंसल, विवेक जैन, अंशुल अग्रवाल और पारसा जी शामिल रहे। प्रबंधन के इस सकारात्मक रुख से आगरा के औद्योगिक जगत में राहत की उम्मीद जगी है।


