राम मंदिर चढ़ावा मामले पर सियासी गर्माहट: कल अयोध्या जाएगी कांग्रेस, अजय राय के नेतृत्व में रामलला का दर्शन करेंगे बड़े नेता

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लखनऊ/अयोध्या। राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में जबरदस्त उबाल ला दिया है। विपक्ष लगातार योगी आदित्यनाथ सरकार और केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साध रहा है। इस बीच, कांग्रेस पार्टी ने इस मामले को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस का एक बेहद शक्तिशाली और हाई-लेवल प्रतिनिधिमंडल कल, 30 जून को अयोध्या का दौरा करेगा। इस दौरे ने राज्य की सियासत में हड़कंप मचा दिया है।

​दौरे की विस्तृत कार्ययोजना

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह प्रतिनिधिमंडल 30 जून को सुबह 9:00 बजे लखनऊ के कांग्रेस कार्यालय से प्रस्थान करेगा और सुबह 11:00 बजे तक अयोध्या पहुंचेगा। यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में जाने वाला यह दल सबसे पहले राम मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन करेगा।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे वहां जाकर जनकल्याण और प्रदेश की खुशहाली की कामना करेंगे। इस संबंध में यूपी कांग्रेस कमेटी ने अयोध्या के पुलिस-प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पहले ही आधिकारिक रूप से सूचित कर दिया है।

​प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे ये दिग्गज नेता

इस वीआईपी प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के कई बड़े सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल हो रहे हैं। आधिकारिक सूची के मुताबिक, दौरे में ​अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा, सीतापुर सांसद राकेश राठौर, प्रयागराज सांसद उज्ज्वल रमण सिंह, बाराबंकी सांसद तनुज पुनिया, ​फरेंदा-महराजगंज विधायक वीरेन्द्र चौधरी, ​वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया, पूर्व एमएलसी दीपक सिंह, पूर्व सांसद एपी गौतम, पूर्व विधायक मीता गौतम जैसी प्रमुख नेता शामिल हैं।

सिटिंग जज से जांच कराने की मांग

अयोध्या दौरे से पहले अमेठी से कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला बोला है। अमेठी कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शर्मा ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों की एक व्यापक और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग उठाई।

​किशोरी लाल शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस पूरे कथित घोटाले की जांच कोर्ट के किसी सिटिंग जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर कराई जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस जांच कमेटी का दायरा बेहद व्यापक होना चाहिए और उसके पास असीमित शक्तियां होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कमेटी इतनी स्वतंत्र होनी चाहिए कि वह किसी भी ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति से बिना किसी डर या दबाव के पूछताछ कर सके। किशोरी लाल ने तंज कसते हुए कहा कि यदि सरकार ऐसा करती है, तभी यह माना जाएगा कि वह वाकई में सही दोषियों को पकड़ना चाहती है, वरना यह सिर्फ लीपापोती बनकर रह जाएगा।

कांग्रेस के इस आक्रामक रुख ने स्थानीय प्रशासन और सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें कल के अयोध्या दौरे और उसके बाद के राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हैं।